छत्तीसगढ़ शासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सौंपी गई नई एवं अतिरिक्त जिम्मेदारियाँ, शिक्षा, शहरी विकास और जिला प्रशासन को मिलेगी नई गति

छत्तीसगढ़ शासन में बड़े प्रशासनिक फेरबदल, कई वरिष्ठ अफसरों को मिली नई जिम्मेदारी

रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है। नवा रायपुर अटल नगर से जारी इस आदेश के तहत भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को अस्थायी एवं अतिरिक्त प्रभार सौंपे गए हैं। यह निर्णय शासन के कार्यों को अधिक प्रभावी, सुचारु और समयबद्ध ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से लिया गया है।

जारी आदेश के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा (2009 बैच) की अधिकारी श्रीमती किरण कौशल को आगामी आदेश तक आयुक्त, समग्र शिक्षा के पद पर पदस्थ करते हुए छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके साथ ही, उनके द्वारा आयुक्त, समग्र शिक्षा का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से यह पद भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम-12 के अंतर्गत प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी की दृष्टि से समकक्ष घोषित किया गया है। इससे शिक्षा व्यवस्था एवं पाठ्य पुस्तक प्रबंधन में बेहतर समन्वय की उम्मीद जताई जा रही है।

वहीं, भारतीय प्रशासनिक सेवा (2009 बैच) के अधिकारी श्री अवनीश कुमार शरण को आयुक्त, नगर एवं ग्राम निवेश के साथ-साथ आयुक्त, गृह निर्माण मंडल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा, उन्हें उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण का भी अतिरिक्त दायित्व दिया गया है। इस निर्णय से शहरी नियोजन, आवास एवं विकास कार्यों में गति आने की संभावना है।

इसी क्रम में, भारतीय प्रशासनिक सेवा (2017 बैच) के अधिकारी श्री आकाश छिकारा को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। वे वर्तमान में संयुक्त सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग के पद पर कार्यरत हैं। शासन ने उन्हें रायपुर विकास प्राधिकरण के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी का प्रभार सौंपते हुए, आगामी आदेश तक कलेक्टर, जिला-बस्तर के पद पर पदस्थ किया है। यह नियुक्ति बस्तर जैसे संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण जिले में प्रशासनिक मजबूती के रूप में देखी जा रही है।

उक्त आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा उनके आदेशानुसार जारी किया गया है। शासन के इस प्रशासनिक फेरबदल को राज्य में विकास कार्यों, शिक्षा व्यवस्था, शहरी नियोजन और जिला प्रशासन को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे एक महत्वपूर्ण और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय बताया जा रहा है।

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