पुलिस टीम द्वारा बच्चों को सीसीटीएनएस सिस्टम, रोजनामचा, बंदीगृह, शास्त्रागार की व्यवस्था को दिखाते हुए विभिन्न जानकारियों से कराया गया अवगत.
पुलिस टीम द्वारा बच्चों को गुड टच बैड टच, पोक्सो एक्ट के प्रावधान, जे. जे. एक्ट, साइबर सुरक्षा, यातायात सुरक्षा सम्बन्धी जानकारी किया गया प्रदान.
अंबिकापुर : कानून को किताबों से निकालकर व्यवहारिक रूप में समझने का अवसर जब मिलता है, तो सीख और भी प्रभावी हो जाती है। इसी उद्देश्य से शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अंबिकापुर की छात्राओं ने थाना कोतवाली का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्राएँ पुलिस की कार्यप्रणाली से रू-बरू हुईं और महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं विधिक अधिकारों से जुड़ी अहम जानकारियाँ प्राप्त कीं।
डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा निर्देशन में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अंबिकापुर की छात्राओं को थाना कोतवाली अंबिकापुर का शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण कराया गया, भ्रमण कार्यक्रम छात्राओं में विधिक जागरूकता, महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा एवं साइबर अपराध से बचाव संबंधी जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से संपन्न कराया गया।

भ्रमण के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक अंबिकापुर श्री राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व में छात्राओं को थाना कोतवाली परिसर का विस्तृत भ्रमण कराया गया। छात्राओं को थाना के विभिन्न कक्षों, शस्त्रागार, बंदी गृह (हवालात), सीसीटीएन कक्ष तथा कार्यालयीन कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई, साथ ही पुलिस विभाग की कार्यशैली, शिकायत पंजीकरण प्रक्रिया, आपातकालीन सेवाएँ, महिला हेल्पलाइन 181, डायल 112, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं अभिव्यक्ति ऐप के संबंध में विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
अधिकारियों ने छात्राओं को कानून के प्रति जागरूक रहने, साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में निडर होकर पुलिस से संपर्क करने हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर छात्राओं ने जिज्ञासापूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका समाधान सरल भाषा में किया गया।
शैक्षणिक एवं जागरूकता भ्रमण के दौरान थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती सुनीता दास, राजेश प्रताप सिंह, साइबर वॉलंटियर टीम से अतुल गुप्ता, विक्की गुप्ता, अतुल सहित अन्य स्टॉफ उपस्थित रहे एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया। उपरोक्त भ्रमण से छात्राओं के आत्मविश्वास में वृद्धि तथा सुरक्षा संबंधी जागरूकता में वृद्धि हुई।
