अपराध समीक्षा पर अनुविभागवार बैठक : लंबित मामलों के त्वरित निराकरण और सड़क सुरक्षा पर सख्ती, जशपुर पुलिस को नव पदस्थ डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह से मिले नए निर्देश, अब थाने से कोई फरियादी नहीं लौटेगा निराश !

आज दिनांक 28 जनवरी 2026 को पुलिस कार्यालय जशपुर में डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा अपराध समीक्षा बैठक ली गई, जिसमें समस्त राजपत्रित अधिकारीगण सहित थाना/चौकी प्रभारीगण, सभी शाखाओं के प्रभारीगण उपस्थित रहे, नव पदस्थ कप्तान द्वारा सभी से संक्षिप्त परिचय प्राप्त कर अनुविभागवार थाना/चौकी के लंबित प्रकरणों की जानकारी लिया गया एवं उसका निराकरण हेतु निर्देशित किया गया।

डीआईजी एवं एसएसपी ने अनुभागवार लंबित अपराध, चालान, मर्ग एवं शिकायत इत्यादि का बारीकी से समीक्षा कर लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण हेतु निर्देशित किया। पुराने समस्त मामलों का अभियान चलाकर निराकरण की दिशा में तेजी से कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया।

डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह द्वारा पुलिस मुख्यालय, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय एवं वरिष्ठ कार्यालयों से जारी परिपत्र एवं परवानों के निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। डीआईजी एवं एसएसपी ने जिले में गौ-तस्करी, अवैध शराब, अवैध कारोबार, गांजा तस्करी, जुआ, सट्टा, नशीली दवाओ के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने एवं लघु अधिनियम, आर्म्स एक्ट जैसे अनेक विषयों पर गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश दिये गये। वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर उसे कड़ी नाकाबंदी कर वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये, इस हेतु उदाहरण देकर भी थाना प्रभारियों को बताया गया। जशपुर जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों, अंतर्राज्यीय मार्गों एवं प्रमुख चेक-पाइंटस पर सघन चेकिंग की जाए। अवैध कृत्य एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों, एजेंट एवं संबंधित व्यक्तियों पर निगरानी रखते हुए विधिसम्मत कार्यवाही की जाये। 

डीआईजी एवं एसएसपी ने कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए विश्वसनीय सूत्रों का नेटवर्क बढ़ाने, सूचना देने वालों की गोपनीयता सुनिश्चित करने तथा प्राप्त सूचनाओं पर तत्काल सत्यापन कर आवश्यक विधि-सम्मत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके माध्यम से अपराधों की रोकथाम, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण एवं आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने का उद्देश्य रखा गया है।

एक्सीडेंट के मामलों में कमी लाने हेतु थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्र में निरंतर पेट्रोलिंग करने के लिए भी निर्देशित किया है, साथ ही तीन सवारी बैठाकर तेज रफ्तार से हॉर्न बजाते हुए दुपहिया वाहन चलाने वालों, ओव्हर स्पीड एवं नशे में वाहन चलाने पर चालानी कार्यवाही बढ़ाने के साथ मालवाहकों पर सवारी बैठाने वालों पर कड़ाई के भी निर्देश दिए गए है।

राजपत्रित अधिकारियों को विवेचकों के कार्यों की प्रतिदिन मानीटरींग कर आवश्यक दिशा-निर्देश देने हेतु निर्देशित किया गया। समस्त थाना प्रभारियों एवं विवेचकों को स्पष्ट निर्देशित करते हुए कहा कि आपके अधिनस्थ, आपके द्वारा की जाने वाली विवेचना उच्च स्तर की हो, विवेचना के स्तर पर आवश्यक सुधार कर दोषसिद्धि स्तर बढाने का भरपूर प्रयास करें।

डीआईजी एवं एसएसपी ने कहा कि कोई भी फरियादी थाना/चौकी से निराश होकर न लौटे, सभी के साथ शालीनता एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार करें एवं सभी की शिकायतों पर निष्पक्ष जांच हो, साथ ही विभिन्न घटित अपराधों में प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए, निगरानी बदमाश/गुंडा बदमाश की थाना में लगातार बुलाकर और सकूनत पर जाकर चेकिंग/परेड की कार्यवाही कराते रहें। पैदल मार्च, कांबिंग गस्त और शाम को प्रभारी स्वयं क्षेत्र में विजिबल पुलिसिंग के लिए निकले। थाना/चौकी प्रभारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता की थाना में उचित सुनवाई हो जिससे कि उन्हें वरिष्ठ कार्यालय आकर शिकायत करने की आवश्यकता न पड़े।

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