प्रतिबंधित मादक पदार्थ ब्राउन सुगर के साथ साईंटांगरटोली की आफरीन खातून गिरफ्तार,भेजी गई जेल,
आरोपिया के कब्जे से कुल 8.04 ग्राम ब्राउन शुगर कीमत10,800/-रुपये की गई जप्त.
आरोपिया के विरूद्ध थाना लोदाम में 21(ए) एनडीपीएस एक्ट का अपराध दर्ज.
नाम गिरफ्तार आरोपिया – आफरीन खातून पति तस्लीम खान उर्फ चक्कर उम्र 27 साल निवासी साईंटांगरटोली.
जशपुर : नशे के कारोबार पर जशपुर पुलिस का करारा प्रहार लगातार जारी है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई सटीक कार्रवाई में पुलिस ने ब्राउन शुगर की तस्करी में लिप्त एक महिला को धर दबोचा है। यह कार्रवाई न केवल कानून का सख़्त संदेश है, बल्कि समाज को नशे से मुक्त करने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह को दिनांक 30 जनवरी 2026 को विश्वस्त मुखबीर से गुप्त सूचना मिली थी कि साईंटांगरटोली ईदगाहपारा की आफरीन खातून अपने घर में अवैध रूप से कहीं से नशीला मादक पदार्थ ब्राउन सुगर को विक्रय करने हेतु लाई है एवं अपने घर में रखी है। इस सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी लोदाम निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे को टीम बना कर रेड कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।
निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे द्वारा मौके पर जाकर दबिश देने पर आरोपिया अपने घर में मिली एवं उससे ब्राउन सुगर रखने के संबंध में पूछताछ कर गवाहों के समक्ष तलाशी लेने पर घर की परछी में छिपा कर रखे प्लास्टिक पन्नी के पैकेट में छोटे-छोटे कुल 18 पुड़िया में रखा ब्राउन सुगर कुल 8.04 ग्राम ब्राउन सुगर कीमत रुपये 10,800/- मिलने पर उसे जप्त कर आरोपिया को महिला कर्मचारी की उपस्थिति में अभिरक्षा में लिया गया। पूछताछ में आरोपिया ने बताया कि उक्त ब्राउन सुगर को उसके पति ने विक्रय करने हेतु दिया था, आरोपिया का पति पिछले माह से किसी अन्य प्रकरण में जेल में है। आरोपिया का कृत्य धारा 21(ए) एनडीपीएस एक्ट का अपराध घटित करना पाये जाने पर उसे आज गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।
इस प्रकरण की सम्पूर्ण कार्यवाही में निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, सहायक उपनिरीक्षक सहवीर भगत, प्रधान आरक्षक 128 प्रदीप लकड़ा, आरक्षक 694 राजेश गोप, म. आरक्षक 794 लक्ष्मी बाई, म. आरक्षक 801 सुष्मिता भगत का योगदान रहा है।
डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा है कि – ”अपने आस-पास हो रहे अनैतिक गतिविधियों की जानकारी सीधे मुझे देवें, समय पर सूचना देकर एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय देवें, सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जावेगा।“
