देह व्यापार गिरोह पर पुलिस का छापा : केलो बिहार में देह व्यापार का चौंकाने वाला खुलासा, रायगढ़ में रातों-रात खुला ‘किराये के मकान’ का काला सच, चल रहा था अनैतिक देह व्यापार, चक्रधरनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के स्पष्ट दिशा-निर्देशन में रायगढ़ जिले में अवैध शराब, जुआ-सट्टा एवं अनैतिक गतिविधियों पर लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में बीती रात नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा के नेतृत्व में देह व्यापार की सूचना पर बड़ी कार्यवाही की गई।

पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि केलो बिहार कॉलोनी स्थित संतोष सोनी के मकान में किरायेदार डिंपी उर्फ राहुल इजारदार बाहर से महिलाओं को लाकर देह व्यापार करा रहा है। सूचना से तत्काल एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह को अवगत कराया गया, जिनके मार्गदर्शन पर थाना चक्रधरनगर और साइबर पुलिस थाना की संयुक्त टीम गठित कर रेड की योजना बनाई गई।

पुलिस द्वारा पहले एक पाइंटर को ग्राहक बना कर रुपये देकर मकान भेजा गया। पाइंटर से संकेत मिलते ही मकान की घेराबंदी कर एकाएक छापा मार कार्यवाही की गई। मौके पर मकान के अंदर तीन महिलाएं, पुलिस पाइंटर, आरोपी डिंपी उर्फ राहुल इजारदार तथा एक अन्य व्यक्ति नागेंद्र विश्वकर्मा निवासी कोतरारोड पाए गए। मकान से देह व्यापार में प्रयुक्त कई आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।

पूछताछ में नागेंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि डिंपी इजारदार मकान का किरायेदार है, जो महिलाओं को लाकर उनसे वेश्यावृत्ति करवाता है और वह उसी सिलसिले में वहां आया था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी डिंपी इजारदार किराये के मकान में महिलाओं को पैसों का लालच देकर अनैतिक देह व्यापार कर जीवन-निर्वहन कर रहा था, स्वयं इसका संचालन व प्रबंधन करता था तथा दलाली की भूमिका निभा रहा था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, पाइंटर द्वारा आरोपी को दिया गया रकम एवं आपत्तिजनक सामग्री को गवाहों के समक्ष जप्त किया।

1. डिंपी उर्फ राहुल इजारदार, पिता जीवनलाल इजारदार, उम्र 40 वर्ष, निवासी संतोष सोनी का मकान, केलो बिहार, थाना चक्रधरनगर, रायगढ़,

2. नागेंद्र विश्वकर्मा, पिता विनोद विश्वकर्मा, उम्र 35 वर्ष, निवासी गणेश चौक, थाना कोतरारोड, रायगढ़.

प्रकरण के दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना चक्रधरनगर में अपराध क्रमांक 32/2026, धारा 3, 4, 5 अनैतिक देह व्यापार (पीटा) अधिनियम के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

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