व्यापारी संवाद में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल बोले— बजट 2026-27 छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए अवसरों का खजाना, रेल-इन्फ्रास्ट्रक्चर और एमएसएमई को मिलेगा बड़ा संबल

केंद्रीय बजट में छत्तीसगढ़ के व्यापारियों के लिए अनेक अवसर : मनोहर लाल

यह बजट आपके व्यापार को नई दिशा देगा,व्यापारियों के लिए बजट में गेम चेंजर प्रावधान:मनोहर लाल

मोदी सरकार में लगातार व्यापार को बढ़ाने एवं सुगम बनाने टैक्स रिफॉर्म किए जा रहे है:मनोहर लाल

रायपुर : केन्द्रीय ऊर्जा, आवासन और शहरी विकास कार्य मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि केन्द्र सरकार के संसद में प्रस्तुत बजट-2026-27 से छत्तीसगढ़ को भी अनेक लाभ होने जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ के 32 रेल्वे स्टेशन अब एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे। छत्तीसगढ़ का रेल्वे बजट ऐतिहासिक रूप से बढ़ाकर 7,470 करोड़ रुपए कर दिया गया है जिससे छत्तीसगढ़ में चल रही 54 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं को एक बड़ा बल मिलेगा। छत्तीसगढ़ में माइनिंग कॉरिडोर से निवेश, उद्योग-व्यापार और रोजगार की सम्भावनाओं में वृद्धि होगी। केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल रविवार को राजधानी में प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यापारियों व बुद्धिजीवियों से केन्द्रीय बजट के परिप्रेक्ष्य में आहूत ‘बजट सम्वाद’ कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे।

केन्द्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के गाँव-गाँव में रहने वाली महिलाओं को ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से अपने उत्पाद को न सिर्फ बेचने, बल्कि उसकी ब्राण्डिंग करने और आर्थिक रूप से सशक्त होने में मदद मिलेगी। केन्द्र सरकार ने लगातार व्यापारी हित में अनेक कार्य किए हैं। इनमें टैक्स के कम्प्लाइन्स को कम करना हो, टैक्स की दरों को कम करना हो, या फिर कई जटिल कानूनों को हटाना हो, केन्द्र सरकार इसमें पीछे नहीं रही है। इस बार भी एमएसएमई सेक्टर में 10 हजार करोड़ रु. की मदद व्यापारियों के लिए बहुत ही मददगार साबित होगी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि गल्ती होने पर जेल जाने के प्रावधान हटाए जाने से भी व्यापारियों को आत्मविश्वास बढ़ेगा। लखपति दीदी के विस्तार से भी छत्तीसगढ़ की महिलाओं को भी इसका लाभ मिलेगा।

केन्द्रीय मंत्री ने अपने सम्बोधन की शुरुआत में बजट बनाने की प्रक्रिया को लेकर अपने दो बार के मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री कार्यकाल के अनुभवों को विस्तार से साझा किया और बताया कि सबसे पहले बजट इस्टीमेट, फिर रिवाइज इस्टीमेट और अंत में सप्लीमेंट्री बजट अलोकेशन होता है। इस बजट अलोकेशन में शुरुआती बजट इस्टीमेट और ओवरआल एक्चुअल अलोकोशन जो होता है, उसमें यदि 90 प्रतिशत राशि कोई विभाग खर्च कर ले, तो यह माना जाता है कि प्रशासनिक व्यवस्था लगभग ठीक चल रही है, योजना का क्रियान्वयन जमीन पर हुआ है। केन्द्रीय मंत्री ने बजट के तीन कर्त्तव्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पहला, बजट में इकॉनॉमिक ग्रोथ के तहत कैपेक्स और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिल्डिंग पर जोर दिया गया है। दूसरा, यह जन-अपेक्षाओं पर खरा उतरने वाला बजट है, और तीसरा कर्त्तव्य सबका साथ-सबका विकास है ताकि सभी समुदायों व वर्गों को संसाधनों का पूरा लाभ मिले।

केन्द्रीय मंत्री तोखन साहू ने कहा कि जब व्यक्तिगत लाभ की योजनाएँ ज्यादा चलती हैं, तो व्यक्ति को सरकारों से सीधा लाभ मिलता है, लेकिन उससे इकॉनॉमी में पैसै और संसाधनों का सर्कुलेशन ज्यादा नहीं होता। जब किसी योजना में सरकार पैसै डालती है तो इकॉनॉमी में पैसे का सर्कुलेशन ज्यादा समय तक रहता है और इकॉनॉमी ग्रो करती है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने केन्द्र सरकार के सभी मंत्रालयों द्वारा विकसित भारत की तरफ क्रियान्वित की जा रही योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत की अवधारणा से जुड़ा हुआ है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार के इस बजट में अनेक सुधारात्मक उपायों पर जोर दिया गया है जिससे व्यापारियों व अन्य वर्गों का सरकार से रिश्ता सहज-सरल हो।

 कार्यक्रम का संचालन बजट समिति के सदस्य और बजट सम्वाद कार्यक्रम के प्रभारी अमित चिमनानी ने किया। कार्यक्रम में विधायक त्रय राजेश मूणत, सुनील सोनी व मोतीलाल साहू, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुभाष अग्रवाल, आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक शिव चन्द्राकर,  सहित बड़ी संख्या में चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स, कैट, सीए एसोसिएशन ऑफ इण्डिया, व्यापारी जनों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की उपस्थिति रही। इस मौके पर चेम्हर ऑफ कॉमर्स के एक प्रतिनिधि मण्डल ने केन्द्रीय मंत्री को अपना सुझाव पत्र सौंपा।

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