“बस्तर पंडुम को मिली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना, बोले—माओवाद से विकास और आत्मविश्वास की ओर बढ़ता नया बस्तर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से की बस्तर पंडुम की सराहना

जगदलपुर : ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से छत्तीसगढ़ में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ महोत्सव की सराहना की। उन्होंने बस्तर के बदलते स्वरूप को रेखांकित करते हुए कहा कि कभी माओवाद और पिछड़ेपन के लिए जाना जाने वाला यह क्षेत्र अब विकास और आत्मविश्वास की नई कहानी लिख रहा है।

​प्रधानमंत्री श्री मोदी का संदेश: ‘बदल गई है तस्वीर’

प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में लिखा कि 7 से 9 फरवरी के बीच आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ में बस्तर की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जनजातीय विरासत का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। उन्होंने कहा, “एक समय था जब बस्तर का नाम आते ही माओवाद, हिंसा और पिछड़ेपन की तस्वीरें सामने आती थीं, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। आज बस्तर न केवल अपने विकास के लिए, बल्कि स्थानीय लोगों के बढ़ते आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है।”

​प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इस सफल आयोजन के लिए छत्तीसगढ़ के लोगों को बधाई दी और कामना की कि आने वाला समय इस क्षेत्र के लिए शांति, प्रगति और सांस्कृतिक गौरव से भरा हो।

​अमित शाह का संकल्प: मार्च 2026 तक नक्सलवाद का अंत

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही, 9 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जगदलपुर में ‘बस्तर पंडुम’ के समापन समारोह में हिस्सा लिया था। वहां उन्होंने ऐलान किया कि 31 मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर अब ‘बंदूक और गोली’ की जगह ‘पर्यटन और संस्कृति’ का केंद्र बन रहा है।

​क्या है ‘बस्तर पंडुम’?

‘बस्तर पंडुम’ छत्तीसगढ़ सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग की जनजातीय संस्कृति, लोक नृत्य, संगीत और पारंपरिक खेलों को संरक्षित करना है। इस वर्ष के आयोजन में हजारों आदिवासी कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे देश भर में सराहा गया है।

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