एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन पर गौ-वंश संरक्षण और मवेशी तस्करी पर सख्त कार्रवाई के लिए रायगढ़ में पुलिस का ‘आपरेशन शंखनाद’, गिरफ्तार आरोपी रब्बुल खान को पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर भेजा जेल.
सप्ताह के भीतर मवेशी तस्करों पर थाना प्रभारी लैलूंगा की दूसरी बड़ी सफलता, 32 गौ-वंश को कुख्यात मवेशी तस्कर रब्बुल खान के चंगुल से पुलिस ने कराया मुक्त,
मवेशी तस्करी पर एसएसपी शशि मोहन सिंह का कड़ा बयान — “ऑपरेशन शंखनाद के तहत रायगढ़ पुलिस गौ-वंश पर क्रूरता और तस्करी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगी.”
रायगढ़ : गौ-वंश की सुरक्षा को लेकर रायगढ़ पुलिस ने अब आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के सख्त निर्देशों पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत मवेशी तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है। लैलूंगा पुलिस की सतर्कता से न केवल एक कुख्यात तस्कर सलाखों के पीछे पहुंचा, बल्कि दर्जनों गौ-वंश को भी क्रूरता के चंगुल से मुक्त कराया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन जिले में गौवंश की तस्करी पर पूर्णतः अंकुश लगाने और मवेशी तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने “ऑपरेशन शंखनाद” रायगढ़ जिले में अनवरत जारी रहेगा। गौरतलब है कि एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह मवेशियों पर क्रूरता को लेकर बेहद गंभीर है
उनके मार्गदर्शन पर सभी थाना क्षेत्रों में मवेशी तस्करों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, इसी क्रम में लैलूंगा पुलिस ने पिछले तीन दिनों के भीतर सजग रहकर दूसरी त्वरित कार्रवाई की। कल 10 फरवरी को लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव ने अपने स्टाफ के साथ ग्राम करवारजोर में घेराबंदी कर एक मवेशी तस्कर को गिरफ्तार किया है।
मवेशी तस्कर ग्राम करवारजोर निवासी रब्बुल खान की गतिविधियों पर पुलिस मुखबिर लगाकर निगाह रखे हुए थी कि पुलिस को 10 फरवरी को सूचना प्राप्त हुई कि रब्बुल खान मवेशियों को क्रूरता पूर्वक मारते-पीटते, भूखे-प्यासे दौड़ाते हुए उड़ीसा की ओर ले जा रहा है। मवेशियों की सूचना पर थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने तत्काल हमराह स्टॉफ के साथ मौके पर दबिश दी और आरोपी रब्बुल खान पिता काशिम खान, उम्र 39 वर्ष, निवासी करवारजोर थाना लैलूंगा जिला रायगढ़ को पकड़ा।
आरोपी के कब्जे से 32 नग गौ-वंश, जिनकी अनुमानित कीमत 2,56,000/- रुपये है, बरामद कर मुक्त कराया गया। पूछताछ में आरोपी ने मवेशियों को बुचड़खाने की ओर ले जाना स्वीकार किया। मुक्त कराए गए मवेशियों का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराया गया तथा उन्हें सुरक्षित रूप से सलखिया गौशाला में रखने की व्यवस्था की गई। आरोपी के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 41/2026 के तहत धारा 4, 6, 10, 11 छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 7 फरवरी को भी थाना प्रभारी लैलूंगा व हमराह स्टॉफ ने कार्रवाई करते हुए 3 मवेशी तस्करों से 8 नग मवेशियों को मुक्त कराया था। लगातार की जा रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि जिले में आपरेशन शंखनाद के तहत अवैध मवेशी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है।
इस प्रकरण की कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक राजू तिग्गा एवं आरक्षक किशोर कुल्लू की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि “जिले में मवेशियों के अवैध परिवहन, तस्करी और क्रूरता जैसे कृत्यों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ‘आपरेशन शंखनाद’ के तहत मवेशी तस्करों पर प्रभावी की जाएगी। जागरूक नागरिकों से अपील है कि गौ-वंश की तस्करी की सूचना पुलिस को दें।”
