ऑपरेशन शंखनाद से तस्करों में मचा हड़कंप : जंगल में चल रहा था गौ-तस्करी का खेल ! पुलिस की घेराबंदी देख तस्कर फरार, झारखंड ले जाए जा रहे थे 7 गौ-वंश कराए गए मुक्त.

डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के नेतृत्व एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के दिशा निर्देश पर, गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ऑपरेशन शंखनाद निरंतर जारी है, जिसके अंतर्गत जशपुर पुलिस लगातार गौ तस्करों के विरुद्ध कार्यवाही कर रही है। जिसके लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया है, इसी क्रम में जशपुर पुलिस के द्वारा दिनांक 16 फरवरी 2026 को सिटी कोतवाली जशपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम टिकैतगंज के जंगल में फिर 07 नग गौ-वंशों को तस्करों से मुक्त कराने में सफलता मिली है।

मिली जानकारी के अनुसार मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 16 फरवरी 2026 की अपराह्न करीबन 11:00 बजे के लगभग, थाना सिटी कोतवाली जशपुर पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि, ग्राम टिकैतगंज के पास जंगल के रास्ते, कुछ संदिग्ध व्यक्ति, भारी मात्रा में गौ-वंशों को पैदल हांक कर, बेरहमी पूर्वक मारते पीटते हुए ले जा रहे हैं। उसे संदेह है कि उक्त गौ-वंशों को गोविंदपुर, झारखंड राज्य की ओर ले कर जाया जा रहा है। जिस पर जशपुर पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना के संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अवगत कराते हुए, तत्काल पुलिस टीम के साथ, मुखबिर के बताए स्थान, टिकैतगंज के जंगल में जाकर, देखा तो पाया कि, कुछ व्यक्ति गौ-वंशों को जल्दी-जल्दी पैदल हांक कर, मारते पीटते हुए ले जा रहे थे। पुलिस के द्वारा संदिग्धों की धर-पकड़ हेतु जब घेराबंदी की जा रही थी, उसी दौरान पुलिस को देख कर, संदिग्ध गौ तस्कर, गौ-वंशों को छोड़ कर जंगल का फायदा उठा कर फरार हो गए। पुलिस के द्वारा फरार, गौ तस्करों की पातासाजी की जा रही है, पुलिस की टीम के द्वारा मौके से 07 नग गौ-वंशों को सकुशल बरामद किया गया है, जिनका पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है।

पुलिस के द्वारा आरोपियों के विरुद्ध थाना सिटी कोतवाली जशपुर में छ.ग. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर जांच विवेचना में लिया गया है।

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