बिलासपुर : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के यांत्रिक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं । नागपुर रेल मंडल के मोतीबाग वर्कशॉप को अखिल भारतीय स्तर पर भारतीय रेलवे की सर्वश्रेष्ठ कार्यशाला घोषित कर “उत्कृष्ट गुणवत्ता शील्ड” से सम्मानित किया गया ।
यांत्रिक विभाग ने वैगनो के अनुरक्षण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है । वैगन ROH आउटटर्न में 31.5%, ब्रॉडगेज कोच POH में 32% तथा वैगन POH में 8.7% की बढ़ोतरी हुई है ।
रेलवे प्रशासन द्वारा प्रयागराज माघ मेला के सफल आयोजन हेतु अक्टूबर 2025 में कुल 05 रेक अन्य जोनों को भेजे गए, जिनमें 02 रेक नॉर्थ सेंट्रल रेलवे तथा 03 रेक नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे को उपलब्ध कराए गए । साथ ही यात्री गाड़ियों के परिचालन में और अधिक सुविधा देने हेतु बिलासपुर–रीवा एवं बिलासपुर–इंदौर ट्रेनों को आधुनिक LHB कोचों में परिवर्तित किया गया है ।
रेलवे के विभिन्न डिपो जैसे पीपी यार्ड भिलाई, C&W डिपो (एक्सचेंज यार्ड/ भिलाई) एवं WRC/BMY को ISO 9001:2015, ISO 45001:2018 एवं ISO 14001:2015 प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो गुणवत्ता, सुरक्षा एवं पर्यावरण प्रबंधन के उच्च मानकों को दर्शाता है । वर्तमान वित्तीय वर्ष में पहली बार NMG (Newly Modified Goods) कोचों का पीओएच कार्य प्रारंभ किया गया, जिसमें फरवरी 2026 तक कुल 25 कोचों का सफल ओवरहॉल किया जा चुका है ।
पीपी यार्ड में कंप्यूटरीकृत रेक टेस्ट रिग (CRTR) एवं सिंगल वैगन टेस्ट रिग (CSWTR) की स्थापना से एयर ब्रेक प्रणाली की स्वचालित जांच एवं डिजिटल रिकॉर्डिंग संभव हो पाई है । भिलाई एवं कोरबा में AI आधारित MVIS (Automatic Wagon Damage Detection System) स्थापित किया गया है, जो हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों के माध्यम से वैगनों की पहचान एवं दोषों का स्वतः विश्लेषण करता है ।
मेंटेनेंस कार्यों में सुधार हेतु पीपी यार्ड भिलाई में CASNUB बोगियों के लिए आधुनिक मैनिपुलेटर लगाए गए हैं, जिससे सुरक्षित लिफ्टिंग एवं 360 डिग्री रोटेशन संभव हुआ है । रेलवे द्वारा ब्रेक वैन आधुनिकीकरण के तहत 32 ब्रेक वैन को उन्नत सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है तथा ट्रेन मैनेजर केबिन में ब्रेक रिलीज मॉनिटरिंग सिस्टम भी स्थापित किया गया है । इसके अतिरिक्त, Permanent Thermal Monitoring System (PTMS), Modified SLIC Pins, एवं FDSS ट्रायल जैसी नई तकनीकों का परीक्षण जारी है, जिससे सुरक्षा और विश्वसनीयता में वृद्धि होगी ।
कर्मचारियों की सुविधा के लिए दुर्ग कोचिंग डिपो में OBHS स्टाफ हेतु पोर्टा-कैबिन स्थापित किया गया है, जिसमें विश्राम एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं । बिलासपुर कोचिंग डिपो में अग्निरोधी लिनन बैग का सफल परीक्षण किया गया है, जो अधिक सुरक्षित एवं टिकाऊ साबित हो रहे हैं । मोटीबाग वर्कशॉप में डिजिटल कियोस्क स्थापित किए गए हैं, जिससे रियल-टाइम सूचना उपलब्धता एवं पारदर्शिता में वृद्धि हुई है ।
पर्यावरण एवं सुरक्षा के तहत “बहुबली फेंसिंग” का निर्माण किया गया है, जिससे यार्ड क्षेत्रों में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हुआ है । साथ ही, जीएम कार्यालय परिसर में स्क्रैप सामग्री से “अभ्युदय” मूर्ति का निर्माण कर “स्क्रैप टू आर्ट” पहल को बढ़ावा दिया गया है ।
सुरक्षा के क्षेत्र में थर्मल मॉनिटरिंग सिस्टम, बहुबली फेंसिंग तथा ब्रेक रिलीज मॉनिटरिंग जैसी पहलें की गई हैं। वहीं कर्मचारियों की सुविधा हेतु दुर्ग डिपो में आधुनिक पोर्टा केबिन भी स्थापित किया गया है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का यांत्रिक विभाग निरंतर नवाचार, गुणवत्ता एवं सुरक्षा के नए मानक स्थापित कर भारतीय रेलवे को नई दिशा दे रहा है । श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के दिशा निर्देश में उपरोक्त कार्य किए गये है ।

