सूरजपुर में बड़ा खुलासा : 5 हजार में बेचा बैंक अकाउंट, 77 लाख के साइबर फ्रॉड का खुलासा—नौकरी का झांसा, ठगी और साइबर गिरोह से कनेक्शन—आरोपी की गिरफ्तारी से चौंकाने वाले राज उजागर !

दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को ग्राम दवना निवासी विजय प्रताप ने थाना सूरजपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया थी कि भूपेन्द्र विश्वकर्मा के द्वारा एसईसीएल में नौकरी लगाने के नाम पर दिनांक 16 फरवरी 2024 से वर्ष 2025 के बीच इससे 20 हजार रूपये, रिश्तेदार रतन सिंह से 35 हजार रूपये कुल 55 हजार रूपये लिया। नौकरी नहीं लगने पर पैसा वापस मांगने पर टालमटोल करने लगा। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी भूपेन्द्र विश्वकर्मा के विरूद्ध अपराध क्रमांक 595/2025 धारा 420 भादसं. दर्ज किया गया।

वहीं दूसरे मामले में भारतीय सायबर अपराध समन्वय केन्द्र (आई फोर सी) द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल (ज्वाईट साइबर क्राईम कार्डिनेशन टीम मैनेजमेंट इन्फारमेंशन सिस्टम) में स्थित विभिन्न बैंक शाखाओं में संचालित लेयर-1 पर कार्यवाही करने के संबंध में पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ से शिकायत प्राप्त हु,आ जिसमें म्यूल अकाउंट खाता धारक भूपेन्द्र विश्वकर्मा के आईडीबीआई बैंक के एकाउंट शामील थे। जांच के उपरान्त साइबर फ्राड से संबंधित शिकायत में उक्त खाता भूपेन्द्र के नाम से होने पर उसके विरूद्ध थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 373/25 धारा 317(4), 318(2), 61(2)(ए) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।

डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने धोखाधड़ी व ऑनलाईन सायबर फ्राड के मामलों की विवेचना गंभीरता से करते हुए आरोपी को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए। थाना सूरजपुर की पुलिस आरोपी की लगातार पतासाजी में लगी थी, इसी बीच मुखबीर की सूचना व नई तकनीक की मदद से दबिश देकर आरोपी भूपेन्द्र विश्वकर्मा पिता बंशीलाल विश्वकर्मा उम्र 40 वर्ष ग्राम रूनियाडीह, चौकी करंजी वर्तमान पता न्यू वकील कालोनी नावापारा सूरजपुर को पकड़ा गया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि प्रार्थी विजय प्रताप व अन्य लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर रकम लिया और अपने शौक को पूरा करने में रकम को खर्च कर दिया। पूछताछ पर उसने आगे बताया कि साइबर फ्राड गिरोह के एक व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम व सीम को 5 हजार रूपये लेकर दिया है तथा उससे प्रत्येक माह 5 हजार रूपये लिया करता था। आरोपी के द्वारा अपना बैंक खाता को विभिन्न राज्यों में सायबर फ्राड करने वाले सायबर फ्राड गिरोह के सदस्यों को देकर अवैध साधनों के माध्यम से आर्थिक लाभ अर्जित करना पाया गया। दोनों ही मामले में आरोपी को दिनांक 10 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया है। विवेचना में उक्त खाता धारक के बैंक अकाउंट में 77 लाख 84 हजार रूपये का ट्रान्जेक्शन होने की जानकारी सामने आई है। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी सूरजपुर विमलेश दुबे, एएसआई देवनाथ चौधरी, आरक्षक रविराज पाण्डेय, आरक्षक बृजलाल व आरक्षक नरेश टोप्पो सक्रिय रहे।

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