अमलझरिया में महुआ बीनने गए दंपत्ति के बीच हुआ था विवाद,
आरोपी गिरफ्तार — वारदात में प्रयुक्त बांस की लकड़ी जब्त,
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश : “क्षणिक आवेश का अपराध बनता है जीवन भर का पछतावा—संयम ही सबसे बड़ा समाधान.”
रायगढ़ : रायगढ़ से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने यह दिखा दिया कि क्षणिक गुस्सा किस तरह जिंदगी को तबाह कर सकता है। मामूली विवाद ने एक महिला की जान ले ली, जब पति ने आवेश में आकर घातक वार कर दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी अब कानून के शिकंजे में है, लेकिन यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी बनकर उभरी है।
पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द अंतर्गत ग्राम राजकोट अमलझरिया से एक गंभीर और दु:खद घटना सामने आई है, जहां एक क्षणिक झगड़े ने एक महिला की जान ले ली। आरोपी पति ने गुस्से में आकर अपनी पत्नी के सिर पर लकड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी। मामले में रैरूमाखुर्द पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
घटना के संबंध में 18 अप्रैल को प्रार्थिया सुशीला कोरवा (35 वर्ष) ने चौकी रैरूमाखुर्द में रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि 17 अप्रैल को उसका देवर गणेश कोरवा अपनी पत्नी सुकांति कोरवा (28 वर्ष) के साथ महुआ बीनने अमलझरिया गया था, लेकिन दोनों घर वापस नहीं लौटे। अगले दिन सुबह गणेश अकेले घर पहुंचा और बताया कि उसने अपनी पत्नी को पानी लेने के लिए घर भेजा था। बाद में उसने खुद स्वीकार किया कि उसकी पत्नी रास्ते में तालाब मोड़ के पास नशे की हालत में सोई हुई थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि जब गणेश ने अपनी पत्नी को उठाने की कोशिश की और वह उठ नहीं पाई, तो गुस्से में आकर उसने पास में पड़ी बांस की फाड़ी लकड़ी से उसके सिर पर जोरदार वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से मौके पर ही महिला की मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपी ने सच्चाई छुपाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस की सघन जांच और पूछताछ में पूरा मामला उजागर हो गया।
चौकी प्रभारी रैरूमाखुर्द उपनिरीक्षक विजय एक्का ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी गणेश कोरवा (30 वर्ष) निवासी सोखामुडा डोंगरीपारा चौकी रैरूमाखुर्द को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके आधार पर घटना में प्रयुक्त लकड़ी जब्त की गई। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 98/2026 धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश – “क्षणिक आवेश में किया गया अपराध जीवनभर का पछतावा बन जाता है— कानून ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करता है, इसलिए विवाद की स्थिति में संयम और समझदारी ही सबसे बड़ा समाधान है।”
