ऑन लाईन एक दिवसीय कार्यशाला : ड्रग नेटवर्क पर होगा बड़ा प्रहार ! पुलिस की नई रणनीति से अब नहीं बचेगा कोई तस्कर, NDPS मामलों में अब नहीं बचेंगे आरोपी ! बिलासपुर रेंज में पुलिस को मिला खास प्रशिक्षण.

दिनांक 21 अप्रैल 2026 को श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के द्वारा पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए एन.डी.पी.एस इन्वेस्टींग (NDPS Investigation) विवेचना की गुणवत्ता के सुधार विषय पर रेंज स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का ऑन लाईन आयोजन पुलिस महानिरीक्षक मीटिंग हाल में किया गया। कार्यशाला में श्री आंजनेय वार्ष्णेय (भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक सारंगढ़, श्री पंकज पटेल अति. पुलिस अधीक्षक बिलासपुर (शहर) ,श्री निमितेश सिंह न.पु.अ. सिविल लाईन बिलासपुर, श्री विवेक शर्मा उप पुलिस अधीक्षक पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासुपर रेंजकी गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ श्री गर्ग पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज के द्वारा किया गया, जिसमें एन.डी.पी.एस इन्वेस्टींग (NDPS Investigation) विवेचना के दौरान प्रकरणों में विवेचकों के द्वारा प्रकियात्मक त्रुटि की जा रही है, जिससे अभियोजन का पक्ष कमजोर होने से आरोपी को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होता है तथा वे दोष-मुक्त हो जाते हैं। विवेचना के स्तर को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप उन्नत करने हेतु मार्गदर्शित किया ।

कार्यशाला के दौरान सेवानिवृत्त श्री माखनलाल पाण्डेय संयुक्त संचालक अभियोजन (बिलासपुर संभाग) द्वारा नारकोटिक की विवेचना पर विभिन्न टॉपिक्स पर प्रकाश डाला गया –

प्रक्रियात्मक शुद्धता (Procedural Precision) NDPS एक्ट के तहत जप्ती और तलाशी के दौरान धारा 42, 50 और 57 के प्रावधानों का अक्षरशः पालन करें। छोटी सी तकनीकी चूक भी पूरे केश को कमजोर कर देती है।

धारा 52 का कड़ाई से पालन नियमों के अनुसार, जब्त मादक पदार्थों का मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रमाणीकरण और फोटोग्राफी/वीडियो-ग्राफी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

नमूनाकरण (sampling) के नए नियम नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (जप्ती, भंडारण, नमूनाकरण और निपटान) नियम, 2022 के तहत ही जप्ती और सैंपलिंग की कार्यवाही की जाए।

(End to End ) विवेचना में विवेचक केवल जप्ती तक सीमित न रहे, बल्कि मादक पदार्थ के स्रोत (Source ) और उसके गंतव्य (Destination) तक की पूरी कड़ी को जोड़ें ताकि ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

वरिष्ठ कार्यालय द्वारा परीक्षण चालान (Charge-sheet ) न्यायालय में प्रस्तुत करने से पूर्व यह सुनिश्चित करें कि उसका परीक्षण वरिष्ठ अधिकारियों और अभियोजन शाखा द्वारा कर लिया गया हो।

दस्तावेजीकरण और साक्ष्य पंचनामा, नोटिस और जप्ती मेमो तैयार करते समय स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति और समय की सटीकता का विशेष ध्यान रखें।

आधुनिक तकनीक का समन्वय पारंपरिक पुलिसिंग के साथ-साथ डिजिटल साक्ष्यों और आधुनिक तकनीकी उपकरणों तथा पुलिस मुख्यालय के परवानों का उपयोग विवेचना को पुख्ता बनाने के लिए किया जाए।

प्रशिक्षण के अंत में अधिकारियों/कर्मचारियों के लिए एक प्रश्नोत्तर काल रखा गया, जिसमें अधिकारी/कर्मचारी द्वारा अपनी विवेचना के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयॉ प्रस्तुत की गई जिस पर श्री माखनलाल पाण्डेय संयुक्त संचालक अभियोजन द्वारा विवेचना में आने वाली समस्याओं का समाधान किया गया। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस कार्यशाला का आयोजन उन्नत एन.डी.पी.एस इन्वेस्टींग (NDPS Investigation)  के उद्देश से किया गया। उक्त ऑन लाईन कार्यशाला में बिलासपुर रेंज के सभी जिलों से लगभग 100 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित होकर प्रशिक्षण प्राप्त किये।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विवेचना के दौरान होने वाली उन तकनीकी और प्रक्रियात्मक त्रुटियों को दूर करना है, जिनका लाभ उठाकर आरोपी न्यायालय से दोष-मुक्त हो जाते हैं। एन.डी.पी.एस. के प्रकरणों में विवेचना के दौरान विधि सम्मत् कार्यवाही एवं तकनीकी प्रक्रियागत कमियों को दूर कर विवेचना प्रकिया में परिशुद्धता लाये जाने के दृष्टिगत् रेंज कार्यालय द्वारा रेंज स्तर पर राजपत्रित पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी तथा विवेचकों को एन.डी.पी.एस. के प्रकरणों में चालान तैयार करने से पूर्व वरिष्ठ कार्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप परीक्षण किया जावे तथा प्रकरण में कमी खामी पाये जाने पर उसके निराकरण उपरान्त ही नियमानुसार अभियोग-पत्र माननीय न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्यवाही की जावे, जिससे कि एन.डी.पी.एस. के प्रकरणों में विवेचना की प्रतिक्रियात्मक त्रुटि से आरोपी की दोष-मुक्ति न हो।

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