21वीं सदी उनकी जो शारीरिक रूप से फिट अतः खेलें, करें मदद
प्रतियोगिताओं में बढ़ती पुरस्कार राशि और आपसी योगदान का महत्व
आलेख .., जसवंत क्लॉडियस, वरिष्ठ स्वतंत्र खेल पत्रकार, टीवी कमेंटेटर, रायपुर.
रायपुर : भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों और मध्यपूर्व के देशों में क्रिकेट मुकाबले के दौरान दर्शकों की जितनी भीड़ होती है वह किसी भी अन्य खेल में नहीं पाई जाती है। दुनिया में बहुखेल टूर्नामेंट जैसे आधुनिक ओलंपिक खेलों, महाद्वीपीय याने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों में दर्शकों की कुल उपस्थिति को छोड़ दिया जाए तो फुटबाल, टेनिस, बास्केटबाल, मुक्केबाजी, रग्बी, बेसबाल, व्हालीबाल, बैडमिंटन के टूर्नामेंट को प्रत्यक्ष रूप से मैदान में जाकर देखने वालों की संख्या बहुत कम होती है। एक आकलन के अनुसार फुटबाल के बाद सबसे अधिक दर्शक उपस्थिति वाला खेल टेनिस है। टेनिस में चार ग्रेंड स्लेम प्रतियोगिताओं को सबसे प्रतिष्ठित माना जाता है। इसमें विंबल्डन की शुरुवात लंदन में 1877 में हुई, यूएस ओपन न्यूयार्क में 1881, फ्रेंच ओपन 1891 में फ्रांस में जबकि ऑस्ट्रेलियन ओपन 1906 से आरम्भ हुई। अगर हम टेनिस के उपरोक्त चैंपियनिशिप के कोर्ट की सतह और स्टेडियम में दर्शकों की उपस्थिति की बात करें तो विंबल्डन के कोर्ट की सतह ग्रास की, दर्शक क्षमता 14949, यूस ओपन की हार्डकोर्ट, दर्शक क्षमता 23971, फ्रेंच ओपन व ऑस्ट्रेलियन ओपन के मैच हार्डकोर्ट में खेले जाते हैं जिसमें दर्शक क्षमता क्रमश: 15000 तथा 14800 है।
आगामी 24 मई से आरंभ होने वाली फ्रेंच ओपन के लिए इस वर्ष इनामी राशि को दस प्रतिशत बढ़ाई गई है और अब कुल 677 करोड़ रुपये की राशि पुरस्कार के तौर पर प्रतिभागियों को दी जाएगी। इसमें महिला व पुरुष एकल के विजेताओं को 30.75 करोड़ की बराबरी की राशि दी जाएगी। आम तौर पर जब दर्शक हो, टेनिस प्रेमी हो या खेल प्रेमी हो जब 677 करोड़ की राशि वितरित किए जाने की बात सुनते हैं तो आश्चर्य लगता है, लेकिन यह सब राशि मीडिया के प्रसारण अधिकार, स्टैडियम में मैच देखने वालों व कुछ अन्य से श्रोतों से प्राप्त हो जाता है। हमारे देश में क्रिकेट मैच से होने वाली आय और खिलाडिय़ो, प्रशिक्षकों, स्टाफ आदि को पुरस्कार स्वरूप दी जाने वाली राशि सबसे बड़ी होती है।जबकि प्रति टिकट दर चालीस हजार दर्शकों में तीन हजार से अधिक शायद ही होती होगी। 677 करोड़ की धनराशि को इनाम स्वरूप दिए जाने के लिए विंबल्डन के आरंभिक मैच से प्रति टिकिट दर 15 से 25 हजार रूपए तक होती है। इसी तरह यूएस ओपन की टिकिट पांच हजार से 22 हजार, फ्रेंच ओपन की 06 हजार से 21 हजार तथा आस्ट्रेलियाई ओपन की 03 हजार से 20 हजार तक प्रति मैच होती है। टूर्नामेंट आगे बढऩे से टिकिट की दर बढ़ते जाती है।हाल ही में टेनिस इतिहास का सबसे महंगा टिकिट बिक्री वाला मुकाबला यूस ओपन में 2026 में हुआ जब मुकाबला जोकविच और अलकाराज के बीच gफाइनल हुआ। इसमें समय स्थिति थी कि एक टिकिट 12 लाख रुपए की बिकी।
उपरोक्त सभी जानकारी देने का तात्पर्य यह बताना है कि विदेश में खेल को पूरी तरह मनोरंजन के रूप में देखा जाता है। प्रत्येक खेल प्रेमी भले ही हर खेल को प्रत्यक्ष रूप से ना देखे लेकिन वह पसंद के किसी एक खेल को देखता है तो फिर उसके प्रवेश टिकिट के लिए पैसा जमा करने की शुरुआत कर देता है। विदेशियों की जीवन शैली पूरी तरह व्यवस्थित रहती है। हमें उपरोक्त आकलन से लेनी सीख लेनी चाहिए ताकि हम खेल व खिलाडिय़ों को समृद्धि बनाने में मददगार हो सके।सिर्फ किसी एक खेल को बढ़ावा न देकर हमें कम से कम ओलंपिक के 28 गेम्स में से किसी एक को बढ़ावा अपने सोच व आर्थिक सहयोग द्वारा देना चाहिए। भारत को खेलमय बनाने के लिए केंद्र सराकर अब विभिन्न खेलों में क्लबों के गठन और उनके बीच स्पर्धा कराने प्रसासरत है। यह सबकुछ इसलिए क्योंकि खेलकूद स्वस्थ्य जीवन का मूलमंत्र है और 21वीं सदी के अपाधापी भरी जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए भारत के प्रत्येक कामगार को स्वस्थ व चुस्त दुरुस्त होना अति आवश्यक है। अत: 21वीं सदी में आवश्यक है कि भारतवासियों के सोच में खेल के प्रति सकारात्मक भाव उत्पन्न हो।
