छत्तीसगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फैसला: IPS अरुण देव गौतम बने पूर्णकालिक DGP, राज्य सरकार ने सौंपा पुलिस बल का स्थायी नेतृत्व

रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे से इस वक्त की सबसे बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है। राज्य सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी श्री अरुण देव गौतम को आधिकारिक तौर पर छत्तीसगढ़ का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP – पुलिस बल प्रमुख) नियुक्त कर दिया है। गृह (पुलिस) विभाग, मंत्रालय महानदी भवन द्वारा आज, 16 मई 2026 को इस संबंध में एक महत्वपूर्ण और विस्तृत आदेश जारी किया गया है।

यूपीएससी पैनल की अनुशंसा पर लगी मुहर

जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC), नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक पद की नियुक्ति के लिए गठित उच्च स्तरीय पैनल की अनुशंसा के आधार पर राज्य शासन ने यह निर्णय लिया है। 1992 बैच के कड़क और अनुभवी IPS अधिकारी श्री अरुण देव गौतम, जो अब तक प्रभारी पुलिस महानिदेशक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे, उन्हें अब छत्तीसगढ़ पुलिस की कमान स्थायी रूप से सौंप दी गई है।

फरवरी 2025 से ही माना जाएगा प्रभार, ‘अपेक्स स्केल’ की मिली मंजूरी

इस आदेश की सबसे खास बात यह है कि श्री अरुण देव गौतम की यह नियुक्ति उनके प्रभारी महानिदेशक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने की तिथि यानी 5 फरवरी 2025 से ही प्रभावी मानी जाएगी। राज्य सरकार ने उनकी इस पदोन्नति के साथ ही उन्हें देश का सर्वोच्च प्रशासनिक वेतनमान प्रदान किया है:

  • वेतनमान: अपेक्स स्केल (Apex Scale)
  • मासिक मूल वेतन: ₹2,25,000/-
  • वेतन मैट्रिक्स स्तर: लेवल-17

यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार गृह विभाग की प्रमुख सचिव नीहारिका बारिक सिंह के हस्ताक्षरों से जारी किया गया है।

क्या होंगे इसके मायने?

श्री अरुण देव गौतम की पूर्णकालिक DGP के रूप में नियुक्ति से छत्तीसगढ़ पुलिस बल में न केवल स्थिरता आएगी, बल्कि कानून-व्यवस्था, नक्सल मोर्चे पर रणनीति और पुलिस आधुनिकीकरण के कार्यों को और अधिक गति मिलेगी। प्रशासनिक हलकों में श्री गौतम को उनकी कार्यकुशलता, सख्त अनुशासन और बेदाग सर्विस रिकॉर्ड के लिए जाना जाता है।

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