“माड़ मैत्री” पहल के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास एवं स्वरोजगार को मिल रहा बढ़ावा.
नारायणपुर : “माड़ मैत्री” पहल के तहत पुलिस और आईटीबीपी की संयुक्त कोशिशों से नारायणपुर में शिक्षा, कौशल विकास और स्वरोजगार को नई दिशा मिल रही है। आईटीबीपी और जिला पुलिस के मार्गदर्शन में युवाओं एवं ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे अबूझमाड़ क्षेत्र में विकास और विश्वास की नई राह खुल रही है।
नारायणपुर पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया, सेनानी 45वीं वाहिनी आईटीबीपी श्री राजीव गुप्ता एवं सेनानी 41वीं वाहिनी आईटीबीपी श्री बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में नारायणपुर पुलिस की जनसहभागिता आधारित नवाचार पहल “माड़ मैत्री” के अंतर्गत जिले में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु लगातार जनहितकारी गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
आईटीबीपी की 45वीं एवं 41वीं वाहिनी द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं एवं ग्रामीणों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में महिला आईटीआई कॉलेज, नारायणपुर में छात्राओं के लिए “कैंपस टू कॉर्पोरेट” विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन दिनांक 20 मई 2026 से 22 मई 2026 तक किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं को रोजगार प्राप्ति हेतु आवश्यक व्यावसायिक एवं संचार कौशल विकसित करना तथा उन्हें भविष्य की प्रतिस्पर्धात्मक चुनौतियों के लिए तैयार करना था।
कार्यशाला में बायोडाटा निर्माण, ई-मेल शिष्टाचार, पब्लिक स्पीकिंग, ए.आई. टूल्स का उपयोग, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय का परिचय, करियर परामर्श, व्यक्तित्व विकास एवं बॉडी लैंग्वेज जैसे विषयों पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही छात्राओं एवं महाविद्यालयीन स्टॉफ को कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा एवं पेशेवर आचरण के प्रति जागरूक करने हेतु कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम 2013 के संबंध में विशेष जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में 50 से अधिक छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई तथा लगभग 100 प्रतिशत उपस्थिति के साथ प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण को गतिविधि-आधारित एवं व्यावहारिक शिक्षण मॉड्यूल के रूप में संचालित किया गया, जिससे छात्राओं को वास्तविक कार्यस्थल से जुड़ा अनुभव एवं व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त हो सके। साथ ही प्रतिभागियों को डिजिटल साक्षरता बढ़ाने एवं तकनीक के प्रभावी उपयोग हेतु मोबाइल एवं डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यशाला का शुभारंभ श्री राजीव गुप्ता, कमांडेंट 45वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा किया गया। तीनों दिवस के प्रशिक्षण सत्र श्री रजनीकांत सिंह, उप कमांडेंट, 45वीं वाहिनी आईटीबीपी द्वारा संचालित किए गए, जबकि समापन समारोह की अध्यक्षता श्री वी.आर. चंद्रन, द्वितीय कमान अधिकारी, 45वीं वाहिनी आईटीबीपी ने की। कार्यक्रम में सहभागी छात्राओं एवं स्टाफ सदस्यों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। महिला आईटीआई कॉलेज, नारायणपुर के प्राचार्य एवं स्टाफ द्वारा आईटीबीपी एवं नारायणपुर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की गई।
इसी श्रृंखला में दिनांक 23 मई 2026 को अबूझमाड़ क्षेत्र के पदमकोट गांव में ग्रामीणों के लिए विशेष पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा उन्हें स्वरोजगार के व्यवहारिक साधनों से जोड़ना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कैंप पदमकोट कमांडर श्री दिनेश, सहायक कमांडेंट की उपस्थिति में डॉ. महिपाल सिंह, सहायक कमांडेंट (पशु परिवहन) द्वारा ग्रामीणों को आधुनिक पशुपालन, पशुओं की देखभाल, टीकाकरण, संतुलित पोषण, दुग्ध उत्पादन तथा पशुपालन से मिलने वाले आर्थिक लाभों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। ग्रामीणों को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित पशुपालन अपनाकर आय वृद्धि एवं स्वरोजगार के अवसर विकसित करने हेतु प्रेरित किया गया। साथ ही पशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण एवं समय-समय पर टीकाकरण के महत्व पर विशेष रूप से जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए इसे अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी बताया। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्हें रोजगार एवं आय बढ़ाने में सहायता प्रदान करेंगे तथा भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की अपेक्षा जताई।
नारायणपुर पुलिस एवं आईटीबीपी द्वारा “माड़ मैत्री” अभियान के माध्यम से अबूझमाड़ क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल, रोजगार एवं जनजागरूकता से संबंधित विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियाँ लगातार संचालित की जा रही हैं। इन पहलों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों एवं युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ-साथ सुरक्षा बलों एवं आम जनता के बीच विश्वास, सहयोग एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण भी सुदृढ़ हो रहा है।
