जंगलों के बीच बदलाव का बड़ा शुभारम्भ : “माड़ मैत्री” अभियान से ग्रामीणों को मिला आत्मनिर्भर बनने का रास्ता, “विग्रह से विश्वास” की मिसाल, पुलिस और आईटीबीपी ने गांवों में पहुंचाकर जगाई विकास की नई उम्मीद.

नारायणपुर पुलिस के “माड़ मैत्री” अभियान के अंतर्गत “विग्रह से विश्वास” की सोच को आगे बढ़ाते हुए पदमकोट एवं आसपास के ग्रामीणों के लिए कृषि एवं बीज रोपण विषय पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया एवं 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट श्री बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन पदमकोट कैम्प कमांडर श्री दिनेश, सहायक कमांडेंट तथा श्री महिपाल, सहायक कमांडेंट (पशु चिकित्सा) द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीज चयन, वैज्ञानिक पद्धति से बीज रोपण एवं पशुपालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। साथ ही ग्रामीणों को खेती हेतु विभिन्न प्रकार के बीज वितरित कर आत्मनिर्भर कृषि के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में लगभग 40-50 ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में जागरूक बनाना तथा उनकी आजीविका को सशक्त करना है।

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