शराब पार्टी के दौरान विवाद में आरोपियों ने की थी किशोर से मारपीट कर हत्या, शव को बरगद पेड़ के नीचे छिपाया
हत्या मामले में शामिल तीन आरोपी- दो युवक और एक विधि से संघर्षरत बालक को खरसिया पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा रिमांड पर
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में खरसिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश : “अपराधियों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है, अपराध कर कानून से बचना मुश्किल है, लगातार गंभीर वारदात का खुलासा किया जा रहा है”
रायगढ़ : रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र में किशोर बालक हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। ग्राम गुरदा में मिले किशोर के शव मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। शराब पार्टी के दौरान मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने किशोर की बेरहमी से पिटाई कर मौत के घाट उतार दिया और शव को बरगद के पेड़ के नीचे छिपाकर मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन में खरसिया पुलिस ने ग्राम गुरदा में मिले किशोर बालक के शव मामले में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने हत्या के मामले में चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना (22 वर्ष), रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया (30 वर्ष) तथा एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घटना दिनांक को चारों युवक ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार खेत गए थे, जहां शराब सेवन के दौरान हुए विवाद में मारपीट कर किशोर की हत्या कर दी गई और शव को छिपाने का प्रयास किया गया।
घटना के संबंध में दिनांक 25 मई 2026 को खरसिया पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद पेड़ के नीचे एक किशोर बालक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड, थाना खरसिया, थाना भूपदेवपुर एवं चौकी खरसिया की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह ने तत्काल पुलिस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मृतक की पहचान ग्राम बरभौना थाना छाल निवासी 16 वर्षीय किशोर के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई ने पुलिस को बताया कि दिनांक 24 मई 2026 की सुबह गांव का ऋषि डनसेना उसके भाई को अपनी पल्सर मोटरसाइकिल में बैठाकर काम कराने ले गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों द्वारा खोजबीन की गई, जहां अगले दिन सुबह ग्राम गुरदा के डोगरमुड़ा खार स्थित बरगद पेड़ के नीचे किशोर का शव मिला। मृतक के शरीर पर सीने, आंख एवं अन्य हिस्सों में चोट और खरोंच के गंभीर निशान पाए गए, जिससे किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मारपीट कर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई।
खरसिया पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक (होमोसाइडल) पाए जाने पर थाना खरसिया में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 250/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने ऋषि डनसेना को तलब कर पूछताछ की। उसने बताया कि घटना वाले दिन मृतक को वह अपने साथियों चन्द्रशेखर उर्फ चंदा, रघुनाथ उर्फ रघु सिंह तथा एक नाबालिग बालक के पास छोड़कर काम पर चला गया था। ऋषि डनसेना ने यह भी बताया कि बाद में जब उसने चन्द्रशेखर को फोन किया तो फोन पर झगड़ा, मारपीट और चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उसने फोन पर ही झगड़ा बंद करने को कहा था।
पुलिस ने संदेहियों चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना, रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया तथा विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लेकर पृथक-पृथक पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि घटना दिनांक को सभी ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान चखना के लिए आम तोड़कर लाने की बात को लेकर मृतक और चन्द्रशेखर के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। आरोपियों ने मिलकर किशोर के साथ हाथ-मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह खेत की मेड़ से फिसलकर तालाब की ओर गिर पड़ा और गंभीर चोट लगने से उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद तीनों आरोपियों ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को उठाकर बरगद पेड़ के नीचे चित अवस्था में लिटा दिया और मामले को दुर्घटना जैसा दिखाने का प्रयास किया। बाद में जब ऋषि डनसेना ने मृतक के बारे में पूछा तो आरोपियों ने झूठ बोलते हुए बताया कि वह खाना-पीना कर अपने घर चला गया है।
खरसिया पुलिस ने आरोपियों को घटना-स्थल ले जाकर घटना का रिकंस्ट्रक्शन कराया तथा उनके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त किए। मामले में आरोपियों द्वारा सामूहिक रूप से हत्या कर साक्ष्य छिपाने का प्रयास पाए जाने पर प्रकरण में धारा 238 एवं 3(5) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई। गिरफ्तार आरोपियों एवं विधि से संघर्षरत बालक को सक्षम न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपी –
01. चन्द्रशेखर उर्फ चंदा डनसेना पिता सेतराम डनसेना उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम बरभौना थाना छाल जिला रायगढ़,
02. रघुसिंह उर्फ रघुनाथ राठिया पिता नरसिंग राठिया उम्र 30 वर्ष निवासी बेहरामुड़ा थाना छाल जिला रायगढ़,
03. एक विधि से संघर्षरत बालक.
पूरे प्रकरण का खुलासा करने में एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन, एडिशनल एसपी श्री अनिल सोनी एवं एसडीओपी खरसिया श्री प्रभात पटेल के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव, थाना प्रभारी भूपदेवपुर उपनिरीक्षक संजय नाग, प्रधान आरक्षक खीरेन्द्र जलतारे, प्रधान आरक्षक रामनाथ बनर्जी तथा आरक्षक विशोप सिंह, आरक्षक प्रदीप तिवारी, आरक्षक अमित नट, आरक्षक सत्य नारायण सिदार एवं आरक्षक रमेश निषाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह का संदेश – “हत्या, गंभीर अपराध और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। अपराध कर साक्ष्य छिपाने की कोशिश करने वाले आरोपियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस हर गंभीर अपराध का त्वरित खुलासा कर आरोपियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
