“यत्र नार्यस्तु पूज्यंते…” सूत्र वाक्य मंच पर उतर आया, जब नारी शक्ति ने किया डॉ. उषा किरण का वाजपेयी का अभिनंदन.
बिलासपुर : नारी सम्मान, सामाजिक मूल्यों और संयुक्त परिवार की परंपरा का अनूठा संगम बिलासपुर में देखने को मिला। नारी शक्ति बिलासपुर द्वारा आयोजित गरिमामय समारोह में समाजसेवा, विधि और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली डॉ. उषा किरण वाजपेयी का भव्य अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के उपाध्यक्ष, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और शहर की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने उनकी सेवाओं को सम्मानित करते हुए इसे नारी शक्ति, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
शहर के वाजपेयी परिवार ने संयुक्त परिवार को जीवंत किया है..। जहां 6 भाइयों का परिवार एक छत के नीचे प्रेम – सद्भावना के साथ बरसों से रह रहा है…..। जहां एक ही चूल्हे पर सारे परिवार का भोजन बनता है ….। ऐसा परिवार जहां की सभी छह बहूओं ने परिवार की मर्यादा, सम्मान और गरिमा को बनाए रखने में अपना संपूर्ण योगदान दिया है…..। ऐसे परिवार की बहू डॉ. उषा किरण बाजपेयी ( धर्मपत्नी पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश बाजपेयी) ने जब सदस्य किशोर न्याय बोर्ड एवं ज़िला कुटुम्ब न्यायालय से अपनी सेवाएं पूर्ण की तो उनके सम्मान में नारी शक्ति बिलासपुर की ओर से एक अभिनंदन समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। प्रदेश की कई जानी-मानी हस्तियों ने इसमें सम्मिलित होकर डॉ. उषा किरण को जीवन के इस नए सोपान के लिए शुभकामनाएं दी और समाज को आगे भी अपना बहुमूल्य योगदान ज़ारी रखने का आह्वान किया ।

यह आयोजन रविवार को प्रार्थना संभव भवन में आयोजित किया गया। जिसमें नारी शक्ति बिलासपुर की ओर से विधि-समाज- संस्कृति की त्रिवेणी डॉ. उषा किरण बाजपेयी का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर एक पुस्तिका का भी विमोचन किया गया और भजन संध्या का आयोजन भी हुआ। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ नीति आयोग के उपाध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री) श्री गणेश शंकर मिश्रा (आईएएस), उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष श्री गौतम चौरडिया, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, गौर कापा धाम के महंत विष्णु गिरी, राष्ट्रपति सम्मानित विदुषी डॉ. पुष्पा दीक्षित, महर्षि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेश तिवारी, छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय पाठक जैसी प्रमुख हस्तियों ने अपने विचार रखें। सभी ने समाज सेवा, विधि और संस्कृति के क्षेत्र में डॉ. उषा किरण बाजपेयी के अमूल्य योगदान को याद किया और यह उम्मीद जताई कि सदस्य किशोर न्याय बोर्ड से अवकाश प्राप्त करने के बाद भी उनका योगदान समाज को मिलता रहेगा। सभी वक्ताओं का उद्बोधन इस बात पर केंद्रित था कि उन्होंने उषा किरण को लंबे समय से काम करते हुए देखा है। अपनी कर्मठता, योग्यता और लग्नशीलता से उन्होंने एक पहचान बनाई है। उनका जीवन सभी के लिए प्रेरणा पुंज है।
उल्लेखनीय है कि सत्ताईस खोली में वाजपेयी परिवार की पुत्र-वधू के रूप में बिलासपुर आने के बाद पिछले करीब 35 वर्षों से डॉ. उषा किरण बाजपेयी ने विधि के साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में अनवरत कार्य किया है। उन्होंने नारी शक्ति छत्तीसगढ़ संस्था के माध्यम से महिलाओं के सम्मान और स्वालंबन के लिए शहर से लेकर गांव तक लगातार काम किया। वे स्काउट गाइड की आजीवन सदस्य हैं और उन्हें दो बार राज्य आयुक्त गाइड की जिम्मेदारी भी मिली है। वे जिला कुटुंब न्यायालय बिलासपुर में परामर्शदाता की जिम्मेदारी का भी निर्वहन कर चुकी हैं। जहां उन्होंने कई परिवारों को विघटन से बचा कर सामाजिक समस्या के निराकरण का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। वे कई राज्य महिला मंडल सहित कई विधिक आयोग, मंडल,फोरम की सम्मानित सदस्य रही हैं। आकाशवाणी बिलासपुर और महर्षि विद्या मंदिर की आंतरिक शिकायत समिति के सदस्य के रूप में भी उन्होंने कार्य किया है। उनके इस कार्य के लिए कई संस्थानों की ओर से उन्हें सम्मानित किया गया। समाज शास्त्र में धनवार जनजाति की महिलाओं की गतिशीलता और समस्याओं पर पीएचडी डॉ. उषा किरण बाजपेयी ने एक बेटी, एक बहन, एक पत्नी, एक बहू, एक मां के रूप में परिवार के साथ कदम से कदम मिलाते हुए सार्वजनिक जीवन में भी अपने हिस्से का बहुमूल्य योगदान दिया।
नारी शक्ति बिलासपुर की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में मौजूद लोगों ने भी यह महसूस किया कि आज के समाज में परिवारों की स्थिति को देखते हुए डॉ. उषा किरण जैसी प्रतिभाओं के मार्गदर्शन की आवश्यकता है। सभी ने यह भी महसूस किया कि यत्र नार्यस्तु पूज्यंते…. की बात अक्सर मंचों से कही जाती है। लेकिन इस आयोजन ने इस सूत्र वाक्य को मंच पर उतारकर यह साबित कर दिया कि वाजपेयी परिवार ने सामाजिक-पारिवारिक-सांस्कृतिक परंपराओं के निर्वहन के साथ ही नारी के सम्मान का भी अनूठा उदाहरण पेश किया है। इस अवसर पर सबसे पहले प्रार्थना भवन के मुख्य द्वार पर नारी शक्ति संस्था की बहनों ने डॉ. उषा किरण बाजपेयी का रोचना तिलक लगाकर और आरती पुष्प के माध्यम से स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भजन संध्या से हुआ। अभिनंदन का वाचन संस्था की संरक्षक डॉ. शकुंतला जितपूरे ने किया। संस्था की सभी बहनों ने अभिनंदन-पत्र भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था की उपाध्यक्ष संध्या शुक्ला ने किया और समापन पर सचिव श्वेता पांडे ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बिलासपुर शहर के श्रेष्ठ साहित्यकार, कवि, चिंतक, समाज सेवक, अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि प्रमुख सर्व सुश्री मंगला ताई देवरस, चन्द्र कला त्रिवेदी, उर्मिला सिन्हा, बासंती वर्मा, मृदुला अवस्थी, डॉ. रश्मि बाजपेयी, त्रिवेणी भोई, शिखा बाजपेयी, इंदिरा चौधरी, किरन मुले, सीमा यादव, कामनी पांडेय, अंतिमा दुबे, शीलू शुक्ला, कविता आर्या, रुचि तिवारी, अंजू त्रिवेदी, भारती श्रीवास, डॉ. प्रीति प्रसाद, डॉ. रश्मि जितपुरे, योगिता मारू, कुमुद वर्मा, रीता शुक्ला, बीना श्रीवास्तव, डॉ. अजय पाठक, डी डी महंत, महेंद्र जैन, राजीव नयन शर्मा, रुद्र अवस्थी, विनोद वर्मा, रश्मि गुप्ता, वाणी राव, डॉ. प्रदीप शुक्ला, डॉ. मंत राम यादव, डॉ. सुप्रिया भारतीयन, शुभ्रा जोगलेकर, अदिति चौहान, वेदिता तिवारी, डॉ. रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, विनय शर्मा, माया बाजपेयी, डॉ. सुनीता बाजपेयी चन्द्र प्रकाश बाजपेयी, अनिल तिवारी, इंदर टहलियानी, राम शंकर शुक्ला, सी एम बाजपेयी, पंकज चौहान, योगेन्द्र मारू, अखिलेश बाजपेयी, अजय श्रीवास्तव, अक्षय जैन, चन्द्र शेखर बाजपेयी सहित बड़ी संख्या में समाज प्रमुख उपस्थित थे।
