अबुझमाड़ में स्मार्ट पुलिसिंग की नई क्रांति, नारायणपुर जिले में हुआ ‘e-मालखाना 2.0’ का शुभारंभ,
“अब हर केस प्रॉपर्टी की होगी डिजिटल पहचान — यूनिक बारकोड के साथ स्मार्ट मालखाना प्रबंधन की शुरुआत”.
थाना कोहकामेटा से हुवा शुभारंभ, नारायणपुर जिले के सभी 14 थानों में प्रारंभ हुआ संचालन.
प्रत्येक जब्त संपत्ति एवं केस प्रॉपर्टी को मिलेगा यूनिक बारकोड, एक स्कैन में उपलब्ध होगी संपूर्ण जानकारी.
बारकोड आधारित ट्रैकिंग प्रणाली से मालखाना प्रबंधन होगा अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं जवाबदेह.
अबुझमाड़ सहित नारायणपुर जिले के दूरस्थ थानों को आधुनिक डिजिटल प्रणाली से जोड़ने की अभिनव पहल.
स्मार्ट पुलिसिंग एवं डिजिटल प्रशासन की दिशा में नारायणपुर पुलिस का ऐतिहासिक कदम.
नारायणपुर : अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में नारायणपुर पुलिस ने स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए ‘e-मालखाना 2.0’ का शुभारंभ किया है। यूनिक बारकोड आधारित इस अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली के जरिए अब प्रत्येक जब्त संपत्ति और केस प्रॉपर्टी की पहचान, निगरानी और प्रबंधन पूरी तरह तकनीक आधारित होगा। जिले के सभी 14 थानों में एक साथ लागू की गई यह व्यवस्था पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को नई ऊंचाई देने वाली पहल मानी जा रही है।
तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देने एवं मालखाना प्रबंधन प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नारायणपुर पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया द्वारा विकसित ‘e-मालखाना 2.0’ सॉफ्टवेयर का शुभारंभ आज थाना कोहकामेटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के वन, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप के करकमलों से विधिवत किया गया।

थाना कोहकामेटा से प्रारंभ की गई यह अभिनव डिजिटल व्यवस्था अब नारायणपुर जिले के सभी 14 थानों में लागू कर दी गई है, जिससे मालखाना प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक आधुनिक, सरल, पारदर्शी एवं जवाबदेह बन सकेगी। विशेष रूप से अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में यह पहल पुलिस कार्यप्रणाली के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
‘e-मालखाना 2.0’ की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता प्रत्येक जब्त संपत्ति एवं केस प्रॉपर्टी के लिए यूनिक बारकोड आधारित डिजिटल पहचान उपलब्ध कराना है। अब मालखाने में जमा प्रत्येक वस्तु को एक विशिष्ट बारकोड प्रदान किया जाएगा, जिसे स्कैन करते ही संबंधित प्रकरण, जब्ती विवरण, जमा तिथि, वर्तमान स्थिति एवं अन्य आवश्यक जानकारी तत्काल उपलब्ध हो जाएगी। इससे जब्त सामग्री की निगरानी, खोज एवं प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक आसान, सुरक्षित एवं पारदर्शी बनेगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री केदार कश्यप ने नारायणपुर पुलिस की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि तकनीक आधारित नवाचार शासन एवं प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ‘e-मालखाना 2.0’ न केवल मालखाना प्रबंधन को आधुनिक बनाएगा, बल्कि पुलिस कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही को भी नई मजबूती प्रदान करेगा।
पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक का उपयोग समय की आवश्यकता है। इसी सोच के साथ विकसित ‘e-मालखाना 2.0’ मालखाना प्रबंधन को पारंपरिक कागजी प्रक्रिया से आगे बढ़ाकर पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान करेगा। इससे अभिलेखों का संधारण अधिक व्यवस्थित होगा तथा पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यों के बेहतर निष्पादन में सहायता मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि नारायणपुर पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग, जनसहभागिता एवं तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं। ‘e-मालखाना 2.0’ का शुभारंभ उसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो अबुझमाड़ सहित पूरे जिले में स्मार्ट पुलिसिंग एवं डिजिटल प्रशासन को नई दिशा प्रदान करेगा।
