नई पुलिस फोर्स की तैयारी शुरू ! आईजी ने प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को सिखाए अपराध नियंत्रण के गुर, कानून व्यवस्था से साइबर फ्रॉड तक… आईजी ने नए उपनिरीक्षकों को दिया हाई-लेवल प्रशिक्षण का रोडमैप.

पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर के आदेशानुसार सरगुजा रेंज अंतर्गत जिला सरगुजा को 14, सूरजपुर को 15, बलरामपुर को 16, जशपुर को 13, एमसीबी को 12 एवं जिला कोरिया को 08 मिले नये प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक सामान्य बैठक/विडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रूबरू होते हुये। थाना/मैदानी क्षेत्रों में बेहतर कार्य एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण संबंधी सभी नये प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को विभागीय आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गए। जिस दौरान उमनि/वरि.पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल, सीएसपी अंबिकापुर श्री राहुल बंसल, रक्षित निरीक्षक सरगुजा श्री तृप्ति सिंह राजपूत उपस्थित रहें एवं अन्य जिलों के पुलिस अधीक्षकगण जिला इकाई स्तर पर विडियों कांन्फ्रेंस के माध्यम से प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों के साथ जुड़े रहे।

रेंज के जिलों में आये सभी नये प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों से पुलिस महानिरीक्षक द्वारा उनके व्यवहारिक परिचय के साथ-साथ उनके योग्यताओं के बारे में जानकारी ली, सामान्य परिचय के उपरांत उन्होने सभी प्रशिक्षु उपनिरीक्षकों को विभाग की कार्यप्रणाली एवं व्यावहारिक पहलुओं के बारे में बताते हुये थानों के मैदानी क्षेत्रों में अपने से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्यकरने संबंधी टिप्स दिये। प्रशिक्षण के दौरान कानून व्यवस्था, अपराध विवेचना, सायबर फ्रांड संबंधी कार्य की जानकारी, सीसीटीएनएस कार्य का ज्ञान, बीट पुलिसिंग, संत्री ड्यूटी, न्यायालयीन कार्यवाही, मुलजिम पेशी, कोर्ट मोहर्रिर, समंस वारंट, गुम इंसान के प्रकरणों, मर्ग महिला एवं बाल अपराध संबंधी के साथ-साथ पुलिस के कार्यो का बारिकी से अध्ययन करना एवं जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार, पीडितों से सालीनतापूर्वक व्यवहार महिला/बालक संबंधी मामलों में विशेष सर्तकता, मानवाधिकारों का सम्मान एवं पुलिस की सकारात्मक छवि निर्माण संबंधी विषयों के बारे में विशेष रूचि लेते हुये कार्य सिखने की जरूरत है। इसके अतिरिक्त उन्होने कहा कि प्रशिक्षण अवधि में अनुसाशन, समयपालन, वर्दी की मर्यादा, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन के साथ-साथ अपने कर्तव्यनिष्ठा का विशेष ध्यान रखते हुए अपने दायित्वों का निवर्हन करें। अंत में उन्होने कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा सक्षम अधिकारी बनना जो कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना एवं जनसेवा के क्षेत्र में प्रभावी भूमिका निभा सके।

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