जशपुर के किसानों के लिए राहत की खबर: समितियों में खाद-बीज का भरपूर भंडार, 37.79 करोड़ रुपये का कृषि ऋण भी वितरित

किसानों को खाद-बीज की नहीं हो रही कमी

सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण एवं वितरण जारी

9,285 मीट्रिक टन खाद और 6,836 क्विंटल बीज का भंडारण

3,681 मीट्रिक टन उर्वरक वितरित, 10 हजार से अधिक किसानों को मिला 37 करोड़ 79 लाख रुपये का कृषि ऋण

कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने प्रशासन की कड़ी निगरानी

जशपुर : खरीफ सीजन को देखते हुए जिले में किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरक एवं कृषि ऋण की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग के समन्वित प्रयासों से आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में खाद एवं बीज का पर्याप्त भंडारण किया गया है, जिससे किसानों को खेती – किसानी के लिए आवश्यक सामग्री आसानी से उपलब्ध हो रही है। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी एवं उर्वरकों के अवैध विक्रय पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।

 उप संचालक कृषि श्री एम आर भगत ने बताया कि किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा अनुशंसित मात्रा के अनुसार रासायनिक उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। विभागीय मैदानी अमले गांव-गांव पहुंचकर किसानों को हरी खाद के उपयोग, जैविक विकल्पों को अपनाने तथा मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने संबंधी जानकारी दे रहे हैं। किसानों को खेतों में हरी खाद के उपयोग के माध्यम से नाइट्रोजन एवं फॉस्फेटिक तत्वों की पूर्ति करने की सलाह भी दी जा रही है। जिले में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। पहले जिले में 24 सहकारी समितियां संचालित थीं, जो अब बढ़कर 44 हो गई हैं। इससे किसानों को खाद एवं बीज प्राप्त करने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ रही है, जिससे समय और परिवहन व्यय दोनों की बचत हो रही है।

 वर्तमान स्थिति में जिले की 44 सहकारी समितियों में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का कुल 9285 मीट्रिक टन भंडारण किया गया है। इनमें से अब तक 3681 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है। इसी प्रकार धान बीज का 6836 क्विंटल भंडारण किया गया है, जिसमें से 1872 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है। समितियों में खाद एवं बीज का भंडारण लगातार जारी है, जिससे आगामी कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। किसानों को खेती के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहकारी समितियों के माध्यम से कृषि ऋण वितरण भी किया जा रहा है। जिले में अब तक 10 हजार 187 किसानों को 31 करोड़ 33 लाख 08 हजार रुपये नगद तथा 6 करोड़ 46 लाख 04 हजार रुपये वस्तु ऋण के रूप में उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रकार कुल 37 करोड़ 79 लाख 12 हजार रुपये का कृषि ऋण वितरित किया जा चुका है, जिससे किसानों को समय पर कृषि निवेश करने और आय में वृद्धि करने में सहायता मिल रही है।

 कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले के किसानों को खाद, बीज एवं कृषि ऋण प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सभी सहकारी समितियों एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। कालाबाजारी, जमाखोरी तथा अनियमितताओं पर रोक लगाने हेतु वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों एवं ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार निरीक्षण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे वैज्ञानिक अनुशंसाओं के अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग करें, हरी खाद एवं जैविक विकल्पों को अपनाएं तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल विभाग को दें, ताकि समय पर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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