सरकार नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों तथा मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित नक्सलियों के सम्मानजनक पुनर्वास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कर रही कार्य : विधानसभा अध्यक्ष

– विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने 15 नक्सल पीडि़त परिवारों को 60 लाख रूपए की आर्थिक सहायता एवं 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि का किया चेक वितरित

राजनांदगांव : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज अपने राजनांदगांव स्थित निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीडि़त पुनर्वास नीति के तहत नक्सल पीडि़त परिवारों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को आर्थिक सहायता के लिए चेक वितरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों तथा मुख्यधारा में लौटे आत्मसमर्पित नक्सलियों के सम्मानजनक पुनर्वास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। शासन का उद्देश्य नक्सल प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, रोजगार तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

       विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिले में आत्मसमर्पित एवं नक्सल पीडि़त पुनर्वास नीति के अंतर्गत 15 नक्सल पीडि़त परिवारों को 4-4 लाख रूपए की दर से कुल 60 लाख रूपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। शेष 4 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी स्वीकृत किया गया है। जिले के 16 आत्मसमर्पित नक्सलियों में से 10 को शासकीय नौकरी मिल चुकी है तथा पात्र हितग्राहियों को इनाम एवं अन्य सहायता राशि का भी भुगतान किया गया है। उन्होंने हितग्राहियों से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर बेहतर जीवनयापन करने कहा। उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राज्य में संचालित यात्री बसों के किराए में 50 प्रतिशत की छूट सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। यदि किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो जिला प्रशासन द्वारा पूरी संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

       कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने बताया कि राजनांदगांव जिले में नक्सल पीडि़त परिवारों एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए शासन की नीति के अनुरूप निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 19 नक्सल पीडि़त परिवार चिन्हित हैं। इनमें से 16 नक्सल घटना में मृत व्यक्तियों के पात्र परिजनों को योग्यता के अनुसार शासकीय नौकरी प्रदान की जा चुकी है तथा 17 परिवारों को पूर्व में 24 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। सभी परिवारों को मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के तहत राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राज्य में संचालित यात्री बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कलेक्टर ने बताया कि पुनर्वास नीति-2025 के अंतर्गत आज 15 नक्सल पीडि़त परिवारों को 4-4 लाख रूपए की दर से कुल 60 लाख रूपए के चेक वितरित किए गए। शेष 4 परिवारों को पूर्व में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

       जिले में कुल 16 आत्मसमर्पित नक्सली हैं, जिनमें से 10 को नियमानुसार शासकीय नौकरी दी जा चुकी है। 5 आत्मसमर्पित नक्सलियों को उनके ऊपर घोषित इनाम राशि के रूप में कुल 24 लाख रूपए का भुगतान किया गया है। वहीं केंद्र सरकार की योजना के तहत 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को नियमानुसार कुल 25 लाख रूपए की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, यात्री किराया में 50 प्रतिशत छूट तथा पुलिस लाइन में शासकीय आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वर्तमान में 13 आत्मसमर्पित नक्सलियों को अनुग्रह एवं प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रत्येक को 5-5 हजार रूपए कुल 65 हजार रूपए के चेक वितरित किए गए हैं। शेष तीन व्यक्तियों को तत्कालीन प्रावधानों के अनुसार पूर्व में 30 हजार रूपए की अनुग्रह राशि प्रदान की जा चुकी है। पुलिस एवं सुरक्षा बलों द्वारा प्रभावी एंटी नक्सल अभियान चलाए जाने के परिणामस्वरूप राजनांदगांव जिले में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। जिला प्रशासन नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सतत कार्य कर रही है। इस अवसर पर श्री कोमल सिंह राजपूत, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित थे।

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