सावधान! ₹2,000–₹10,000 के लालच ने पहुंचाया सलाखों के पीछे, साइबर ठगों को बैंक खाते, ATM और सिम देने वाले 9 आरोपी पुलिस के शिकंजे में

साइबर ठगी की अवैध राशि के लेनदेन में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की गई।

आरोपी कमीशन के लालच में बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराकर ठगी की राशि के अंतरण में सहयोग कर रहे थे।

तकनीकी साक्ष्य, बैंक खातों के विश्लेषण एवं विवेचना के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा करते हुए थाना पुरानी भिलाई पुलिस एवं एसीसीयू द्वारा संयुक्त कार्यवाही की गई।

दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक खाता किराए पर देना अथवा किसी अन्य को उपयोग हेतु उपलब्ध कराना भी गंभीर अपराध है तथा संबंधित खाताधारक वैधानिक कार्यवाही के दायरे में आते हैं।

मुख्य बिंदु :

थाना पुरानी भिलाई के अपराध क्रमांक 258/2026 में धारा 318(2), 318(3), 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की गई।

दुर्ग : पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराध एवं म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना पुरानी भिलाई पुलिस एवं एसीसीयू द्वारा संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई की गई। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपीगण अपने स्वयं के तथा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि के लेनदेन एवं अंतरण के लिए कर रहे थे।

जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी कमीशन प्राप्त करने के उद्देश्य से आम नागरिकों से उनके बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड प्राप्त कर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों का उपयोग ठगी की राशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित कर छिपाने के लिए किया जाता था।

विवेचना एवं तकनीकी विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि संबंधित खाताधारकों ने ₹2,000 से ₹10,000 तक के कमीशन के बदले अपने बैंक खाते एवं बैंकिंग दस्तावेज अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए थे। इन खातों में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित लाखों रुपये के संदिग्ध लेनदेन पाए गए। प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 19.07.2026 को कुल 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही की गई।

मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) :

आरोपी कमीशन के लालच में स्वयं एवं अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। साइबर अपराधी इन खातों का उपयोग ऑनलाइन ठगी से प्राप्त अवैध धनराशि के अंतरण, निकासी एवं स्रोत छिपाने के लिए करते थे।

घटना स्थल :

थाना पुरानी भिलाई क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न बैंक खातों एवं साइबर लेनदेन से संबंधित प्रकरण।

आरोपी का नाम :

1. लक्की खुटेल, उम्र 22 वर्ष, ग्राम फुंडा, थाना बोरी।

2. भारत गिरी, उम्र 25 वर्ष, गौतम नगर, सुपेला।

3. भोज ठाकुर, उम्र 24 वर्ष, खुर्सीडीह, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव।

4. चोमन साहू, उम्र 27 वर्ष, खुर्सीडीह, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव।

5. कमलेश देशलहरे, उम्र 24 वर्ष, ग्राम फुंडा, थाना बोरी।

6. रमाकांत साहू, उम्र 28 वर्ष, ग्राम मचान्दुर, थाना उतई।

7. आकाश भट्ट, उम्र 22 वर्ष, लक्ष्मी नारायण चौक, अहिवारा, थाना नंदनी नगर।

8. संजय निषाद, उम्र 30 वर्ष, ग्राम दानिया, थाना बोरी (एजेंट)।

9. मनोज कुमार साहू, उम्र 30 वर्ष, ग्राम कुर्सीडीही, चौकी नगपुरा, थाना पुलगांव (एजेंट)।

जप्त सामग्री :

1. बैंक पासबुक।

2. एटीएम कार्ड।

3. चेकबुक।

4. सिम कार्ड।

5. मोबाइल फोन।

6. बैंकिंग एवं अन्य संबंधित दस्तावेज।

सराहनीय भूमिका :

उक्त कार्यवाही में थाना पुरानी भिलाई पुलिस एवं एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। विवेचना, तकनीकी विश्लेषण एवं साक्ष्य संकलन के आधार पर आरोपियों की पहचान कर प्रभावी वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की गई।

दुर्ग पुलिस की अपील :

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम उपयोग हेतु उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधी इनका उपयोग अवैध धनराशि के लेनदेन में करते हैं, जिससे खाताधारक भी कानूनी कार्यवाही के दायरे में आ सकते हैं। किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा निकटतम पुलिस थाना में दें।

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