जशपुर : प्राकृतिक आपदा के 5 प्रकरणों में मृतकों के परिजनों को कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत
जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा एवं नैसर्गिक विपत्तियों से होने वाली जनहानि पर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी क्रम में प्राकृतिक आपदाओं में हुई मृत्यु के 5 प्रकरणों में कलेक्टर श्री रोहित व्यास द्वारा कुल 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है।
अपर कलेक्टर श्री प्रदीप साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील फरसाबहार के ग्राम टाकमुण्डा निवासी स्व. अमर साय पिता स्व. राम साय की 9 सितम्बर 2025 को मधुमक्खी के काटने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक की निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती कौशल्या बाई को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील फरसाबहार के ग्राम बारो निवासी स्व. मनसुखनी बाई पिता श्री रामसाय राम की 27 अप्रैल 2024 को आग में जलने से उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री रामसाय राम को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। तहसील बगीचा के ग्राम नटकेला निवासी स्व. आकृति पैंकरा पिता श्री बालमुकुन्द पैंकरा की 14 अगस्त 2025 को बिच्छू के काटने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री बालमुकुन्द पैंकरा एवं माता श्रीमती कौशिल्या पैंकरा को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार तहसील बगीचा के ग्राम बुटंगा निवासी स्व. हीरामुनी बाई पिता श्री शिवचरण राम की 30 जनवरी 2025 को स्टॉप डेम के पानी में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतिका के निकटतम वैध वारिस उनके पिता श्री शिवचरण राम को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। वहीं तहसील फरसाबहार के ग्राम जोरण्डाझरिया निवासी स्व. सुखसागर यादव पिता श्री सोनाधर यादव की 15 फरवरी 2025 को आंधी-तूफान के दौरान तेन्दू पेड़ की डगाल गिरने से मृत्यु हो गई थी। इस प्रकरण में मृतक की निकटतम वैध वारिस उनकी पत्नी श्रीमती दुती बाई को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक आपदाओं एवं आकस्मिक जनहानि के मामलों में प्रभावित परिवारों को समयबद्ध राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा रही है।
