* 15 अगस्त एवं weekend के अवसर पर अंबुजा मॉल में आने वाले बड़ी संख्या में नागरिकों को किया गया साइबर अपराधों के प्रति जागरूक
* दो दिवसीय विशेष अभियान के दौरान नागरिकों एवं युवाओं से प्रत्यक्ष संवाद कर साइबर ठगी से बचाव की दी गई जानकारी
* “जागरूकता की एक Selfie” सेल्फी स्टैंड के माध्यम से नागरिकों को अभियान से जोड़ा गया
* “संवाद से समाधान” के माध्यम से नागरिकों से सीधे संवाद कर साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी एवं समाधान उपलब्ध कराया गया
* साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की दी गई जानकारी
रायपुर : छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक विशेष साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा भी अधिक से अधिक नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए सार्वजनिक एवं भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त श्री अमित तुकाराम कांबले (IPS), पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नॉर्थ जोन श्री आदित्य पांडे के मार्गदर्शन में थाना पंडरी क्षेत्र अंतर्गत अंबुजा मॉल, मोवा में दिनांक 15 एवं 16 अगस्त 2026 को दो दिवसीय विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के आयोजन के लिए विशेष रूप से 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस एवं weekend के अवसर पर अंबुजा मॉल में बड़ी संख्या में नागरिकों, युवाओं एवं परिवारों के आने को ध्यान में रखा गया। इस दौरान मॉल में आने वाले अधिक से अधिक लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव एवं डिजिटल सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से पुलिस टीम द्वारा व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं।
सहायक पुलिस आयुक्त पंडरी श्री कृष्ण कुमार चंद्राकर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी पंडरी निरीक्षक श्री परेश पांडे एवं थाना पंडरी पुलिस टीम द्वारा मॉल में आने वाले नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उन्हें साइबर ठगी के नए-नए तरीकों एवं उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। नागरिकों को OTP, PIN, CVV एवं पासवर्ड किसी से साझा नहीं करने, अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध QR कोड स्कैन नहीं करने तथा फर्जी KYC, बैंक अधिकारी बनकर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन निवेश एवं सोशल मीडिया फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों से सतर्क रहने की समझाइश दी गई।
पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा चलाए जा रहे “संवाद से समाधान” जनजागरूकता कार्यक्रम की भावना के अनुरूप इस कार्यक्रम में भी नागरिकों से सीधे संवाद को प्राथमिकता दी गई। जिस प्रकार स्कूलों में “संवाद से समाधान” कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस अधिकारी विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर साइबर अपराध, ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, यातायात नियम, नशे से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा आपातकालीन सहायता जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हैं और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं समस्याओं का समाधान करते हैं, उसी जनोन्मुखी पुलिसिंग की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अंबुजा मॉल में भी नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी साइबर सुरक्षा संबंधी शंकाओं का समाधान किया गया।
अभियान को जनसहभागिता आधारित एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से अंबुजा मॉल परिसर में “जागरूकता की एक Selfie” सेल्फी स्टैंड लगाया गया। बड़ी संख्या में नागरिकों एवं युवाओं ने सेल्फी स्टैंड के साथ सेल्फी लेकर अभियान में सहभागिता की। इस माध्यम से साइबर जागरूकता के संदेश को सोशल मीडिया के जरिए भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान मॉल में आने वाले बड़ी संख्या में नागरिकों तक सीधे पहुंच बनाकर उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। नागरिकों को बताया गया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्कता एवं जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण है।
साइबर ठगी होने की स्थिति में नागरिकों को तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने तथा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।
छत्तीसगढ़ पुलिस का साइबर जागृति अभियान 02 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा। इसके अंतर्गत पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर जनसहभागिता, प्रत्यक्ष संवाद एवं “संवाद से समाधान” की भावना के साथ साइबर अपराधों के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
