हाथी संरक्षण की जशपुर मॉडल को मिली बड़ी पहचान! CM विष्णुदेव साय ने “गजरथ यात्रा–भाग 02” पुस्तक का किया विमोचन, गांव-गांव और स्कूलों तक पहुंचा जागरूकता अभियान; मानव–हाथी द्वंद्व घटाने में जुटे वनकर्मी भी हुए सम्मानित

जशपुर वनमण्डल की “गजरथ यात्रा” को मिली नई पहचान

मुख्यमंत्री श्री साय ने “गजरथ यात्रा–भाग 02” पुस्तक का किया विमोचन

जशपुर : मानव–हाथी द्वंद्व को कम करने, हाथियों के संरक्षण एवं स्थानीय ग्रामीण समुदायों में हाथियों के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से जशपुर वनमण्डल द्वारा संचालित जनजागरूकता अभियान “गजरथ यात्रा” के द्वितीय चरण पर आधारित पुस्तक “गजरथ यात्रा–भाग 02” का विमोचन आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कैम्प कार्यालय बगिया किया ।

 जशपुर वनमण्डल द्वारा हाथी संरक्षण एवं मानव–हाथी सह–अस्तित्व की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान दिलाने वाला महत्वपूर्ण अवसर रहा।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री रोहित व्यास डीएफओ श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

जशपुर वनमण्डल द्वारा हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विगत वर्षों से हाथियों के संरक्षण, मानव–हाथी सह–अस्तित्व को बढ़ावा देने तथा ग्रामीणों को हाथियों के साथ सुरक्षित व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न अभिनव गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी क्रम में “गजरथ यात्रा” को एक प्रभावी जनजागरूकता अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है।

गांव–गांव और विद्यालयों तक पहुंच रहा “गजरथ”

“गजरथ यात्रा” के माध्यम से हाथी प्रभावित ग्रामों, विद्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर आम नागरिकों, विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों को हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार, उनके आवास, भोजन एवं विचरण क्षेत्र तथा हाथियों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी जाती है। ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, हाथियों की उपस्थिति के दौरान अनावश्यक रूप से उनके निकट नहीं जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में वन विभाग को तत्काल सूचना देने के संबंध में भी जागरूक किया जाता है।

अभियान का प्रमुख उद्देश्य हाथियों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में व्याप्त भय एवं भ्रांतियों को दूर कर वैज्ञानिक, संवेदनशील एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण विकसित करना है, ताकि हाथियों और मानव समुदाय के बीच संघर्ष की संभावनाओं को कम किया जा सके।

“गजरथ यात्रा–भाग 02” में संकलित हैं जशपुर के संरक्षण प्रयास

पुस्तक “गजरथ यात्रा–भाग 02” में जशपुर वनमण्डल द्वारा हाथी संरक्षण एवं मानव–हाथी द्वंद्व प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे विभिन्न प्रयासों का विस्तृत संकलन किया गया है। इसमें जनजागरूकता कार्यक्रमों, ग्रामीण सहभागिता, विद्यार्थियों की भागीदारी तथा हाथियों के साथ सुरक्षित एवं सह–अस्तित्वपूर्ण व्यवहार को प्रोत्साहित करने वाली गतिविधियों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में यह भी दर्शाया गया है कि हाथी संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्थानीय समुदायों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से ही प्रभावी एवं दीर्घकालीन रूप से सफल बनाया जा सकता है।

आधुनिक तकनीक से समय पर मिल रही हाथियों की सूचना

जशपुर वनमण्डल द्वारा हाथियों की गतिविधियों की निगरानी एवं हाथी प्रभावित क्षेत्रों में समय पर सूचना पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक का भी प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। “राज संकेत” ऐप के माध्यम से हाथियों के विचरण एवं गतिविधियों की जानकारी प्राप्त होने पर प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों को मोबाइल संदेश के माध्यम से समय रहते सूचना उपलब्ध कराई जाती है।

समय पर प्राप्त होने वाली यह सूचना ग्रामीणों को सतर्क रहने, आवश्यक सावधानी बरतने तथा हाथियों की गतिविधि वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करती है। इसके साथ ही वन विभाग के मैदानी अमले, त्वरित प्रतिक्रिया दल एवं स्थानीय समुदाय के समन्वय से हाथी प्रबंधन एवं जनसुरक्षा की कार्यवाही की जा रही है।

ग्रामीण सहभागिता को दिया जा रहा विशेष महत्व

जशपुर वनमण्डल द्वारा मानव–हाथी द्वंद्व की घटनाओं में कमी लाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों को अभियान का सक्रिय सहभागी बनाया जा रहा है। ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार एवं विचरण की जानकारी देने के साथ–साथ सुरक्षित व्यवहार, सामुदायिक सूचना तंत्र एवं वन विभाग के साथ समन्वय के महत्व से अवगत कराया जा रहा है। विद्यालयों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को भी हाथियों के संरक्षण, जैव विविधता एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता के बारे में जानकारी दी जा रही है। इससे नई पीढ़ी में वन्यजीव संरक्षण के प्रति सकारात्मक एवं वैज्ञानिक सोच विकसित करने में सहायता मिल रही है।

हाथी–मानव द्वंद्व कम करने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मी मुख्यमंत्री के करकमलों से सम्मानित

जशपुर वनमण्डल द्वारा हाथी–मानव द्वंद्व प्रबंधन एवं हाथियों की सुरक्षा में विशेष भूमिका निभाने वाले वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

 वनमण्डल में हाथी–मानव द्वंद्व को कम करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों की सुरक्षा एवं जागरूकता के लिए विशेष योगदान देने वाले अधिकारी/कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वाले अधिकारी/कर्मचारियों में श्री कृपा सिंधु पैकरा, वनक्षेत्रपाल एवं वन परिक्षेत्राधिकारी, पत्थलगांव, श्री अजित एक्का, उपवनक्षेत्रपाल एवं परिक्षेत्र सहायक, वृत बटपुर, परिक्षेत्र दुलदुला, श्री नरेश कुजूर, बी.एफ.ओ., परिक्षेत्र तपकरा तथा श्री राजेन्द्र पैकरा, बी.एफ.ओ., लुडेंग परिक्षेत्र पत्थलगांव शामिल हैं।

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