जागरूकता अभियान : स्कूलों और छात्रावासों तक पहुंची रायगढ़ पुलिस ! साइबर फ्रॉड के नए हथकंडों से कराया अवगत, अनजान लिंक से लेकर फर्जी KYC तक हर खतरे की दी जानकारी, 1080 छात्रों को पुलिस ने किया अलर्ट.

छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से शुरू किए गए “साइबर जागृति अभियान” को रायगढ़ पुलिस द्वारा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अनिल सोनी के मार्गदर्शन में जिलेभर में व्यापक रूप दिया जा रहा है। अभियान के तहत पहले सप्ताह स्कूलों, छात्रावास में जागरूकता कार्यक्रम को फोकस किया गया है । सोमवार को पुलिस टीमों ने स्कूलों एवं छात्रावासों में पहुंचकर छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी।

थाना पुसौर एवं साइबर टीम ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पुसौर, अभिनव स्कूल पुसौर एवं आदर्श विद्यालय पुसौर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। वहीं थाना कोतवाली क्षेत्र के नटवर स्कूल में कोतवाली पुलिस की टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। इसके अलावा पोस्ट मैट्रिक आदिवासी छात्रावास रायगढ़ में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां डीएसपी उन्नति ठाकुर ने छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए साइबर अपराधों के बदलते तरीकों और उनसे बचने की सावधानियों की जानकारी दी।

OTP से लेकर UPI PIN तक—गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की समझाइश –

पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों को समझाया कि OTP, PIN, CVV, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक पासवर्ड और UPI PIN जैसी संवेदनशील जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। साइबर ठग अक्सर बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, कंपनी प्रतिनिधि अथवा किसी परिचित व्यक्ति के नाम से संपर्क कर गोपनीय जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं। ऐसे किसी भी कॉल, मैसेज या लिंक पर बिना सत्यापन भरोसा नहीं करने की समझाइश दी गई।

जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस ने विशेष रूप से KYC अपडेट, बिजली बिल, बैंक खाता बंद होने, लोन, नौकरी, ऑनलाइन खरीदारी, फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग तथा QR Code/UPI फ्रॉड जैसे साइबर अपराधों के संबंध में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि साइबर ठग अलग-अलग बहाने बनाकर लोगों को डराने, लालच देने या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं।

विद्यार्थियों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध मोबाइल एप डाउनलोड नहीं करने तथा सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, फोटो और अन्य संवेदनशील विवरण साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क बढ़ाते समय भी सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी परिजनों अथवा पुलिस को दें।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। अभियान के लिंक अथवा QR Code के माध्यम से सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अधिक से अधिक लोगों तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाने की अपील की गई।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही संबंधित बैंक अथवा वित्तीय संस्था को भी तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने विद्यार्थियों से स्वयं जागरूक रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से सावधान करने की अपील की।

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