₹2 हजार से ₹15 हजार कमीशन का लालच पड़ा भारी! साइबर ठगी की रकम के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले 9 खाताधारकों पर दुर्ग पुलिस की शिकंजा कार्रवाई

दुर्ग पुलिस का साइबर अपराधियों पर प्रहार—साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 09 म्यूल बैंक खाताधारक पर लगातार कार्यवाही जारी,05 लाख से अधिक के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा

पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष अभियान में थाना सुपेला, भिलाई भट्ठी एवं एसीसीयू की संयुक्त कार्यवाही में 09 म्यूल खाताधारकों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई।

आरोपियों द्वारा कमीशन के लालच में बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए, जिनका उपयोग साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में हुआ।

बैंक खातों के तकनीकी विश्लेषण एवं प्राप्त साक्ष्यों में संबंधित खातों से साइबर ठगी की 05 लाख रुपये से अधिक राशि के लेन-देन होना पाया गया।

दुर्ग पुलिस ने 09 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन एवं अन्य संबंधित दस्तावेज जप्त किए।

दुर्ग : पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सुपेला के अपराध क्रमांक 679/2026 एवं थाना भिलाई भट्ठी के अपराध क्रमांक 63/2026, धारा 318(2), 318(3), 318(4) बीएनएस में कुल 09 आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की गई।

साइबर अपराधों में ठगी की रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित एवं छिपाने के लिए उपयोग किए जा रहे म्यूल बैंक खातों की जांच के दौरान दुर्ग पुलिस द्वारा बैंक खातों के लेन-देन, तकनीकी साक्ष्यों एवं उपलब्ध दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया।

विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा कमीशन/प्रतिफल के लालच में अपने अथवा अन्य व्यक्तियों के बैंक खातों से संबंधित पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं मोबाइल सिम कार्ड अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराए गए थे। संबंधित बैंक खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के अंतरण एवं प्राप्ति के लिए किया गया।

जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित खातों में साइबर ठगी से जुड़ी 05 लाख रुपये से अधिक की राशि का लेन-देन हुआ है। खाताधारकों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों से प्राप्त जानकारी, बैंक खातों के विश्लेषण तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 20.08.2026 को थाना सुपेला में 02 तथा थाना भिलाई भट्ठी में 07 आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई।

मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)

आरोपियों द्वारा कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते अथवा अन्य व्यक्तियों के बैंक खाते से संबंधित बैंकिंग साधन प्राप्त कर उन्हें साइबर अपराधियों/एजेन्टों को उपलब्ध कराया जाता था। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा होने के बाद विभिन्न खातों में उसका अंतरण किया जाता था, जिससे ठगी की रकम को आगे स्थानांतरित कर

छिपाने में मदद मिलती थी। आरोपियों को कथित रूप से ₹2,000 से ₹15,000 तक कमीशन/प्रतिफल प्राप्त होना जांच में सामने आया है।

घटना स्थल

प्रकरण में साइबर ठगी की रकम का लेन-देन विभिन्न स्थानों एवं बैंक खातों के माध्यम से होना पाया गया है। संबंधित बैंक खातों एवं खाताधारकों की जानकारी के आधार पर थाना सुपेला एवं थाना भिलाई भट्ठी पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही है।

आरोपी का नाम

थाना सुपेला — अपराध क्रमांक 679/2026

1. अमन कुमार राय, उम्र 25 वर्ष, निवासी चन्द्र नगर, उमरपोटी, थाना उतई, जिला दुर्ग।

2. डोमेन्द्र कुमार सिन्हा, उम्र 38 वर्ष, निवासी पांच रास्ता, चिंगरी पारा, सुपेला, जिला दुर्ग।

थाना भिलाई भट्ठी — अपराध क्रमांक 63/2026

3. दिनेश कुमार देशमुख, उम्र 22 वर्ष, निवासी अग्रसेन कॉलेज, धनोरा, पदमनाभपुर, जिला दुर्ग।

4. नितिश सिंह राजपूत, उम्र 28 वर्ष, निवासी स्टाफ क्वार्टर एस-05, पदमनाभपुर, जिला दुर्ग।

5. विक्रम देशलहरे, उम्र 33 वर्ष, निवासी घुघसीडीह, उतई, जिला दुर्ग।

6. भीष्म ध्रुव, उम्र 24 वर्ष, निवासी सेक्टर-10, सड़क 33/ए, क्वार्टर नंबर 1-डी, भिलाई नगर, जिला दुर्ग।

7. के. सुनीता राव, निवासी श्रीराम चौक, खुर्सीपार, जिला दुर्ग।

8. स्मीता मसीह, निवासी प्रगति नगर, रिसाली, जिला दुर्ग।

9. गुनगुन देवांगन, निवासी वैशाली नगर, भिलाई, जिला दुर्ग।

जप्त सामग्री

पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन एवं अन्य संबंधित दस्तावेज।

सराहनीय कार्य

उक्त कार्यवाही में थाना सुपेला, थाना भिलाई भट्ठी एवं एसीसीयू की पुलिस टीम द्वारा बैंक खातों के लेन-देन का विश्लेषण, तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण, संबंधित खाताधारकों की जानकारी एकत्रित करने तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर विधिवत गिरफ्तारी एवं जप्ती की कार्यवाही की गई।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम कार्ड उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। साइबर अपराधी इन माध्यमों का उपयोग ठगी की रकम के लेन-देन के लिए कर सकते हैं, जिसके कारण मूल खाताधारक भी कानूनी कार्यवाही के दायरे में आ सकता है।

यदि आपके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक या सिम कार्ड का किसी अन्य व्यक्ति द्वारा गलत उपयोग किए जाने की जानकारी मिले तो तत्काल संबंधित बैंक, नजदीकी पुलिस थाना अथवा साइबर पुलिस को सूचना दें तथा ऑनलाइन/लिखित शिकायत की प्राप्ति रसीद सुरक्षित रखें।

आपका बैंक खाता आपकी जिम्मेदारी है—कमीशन के लालच में बैंकिंग साधन किसी अन्य को उपलब्ध न कराएं।

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