पीएम राहत योजना पर एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण संपन्न, गोल्डन आवर में त्वरित उपचार पर दिया गया जोर
सूरजपुर : मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को जिला पंचायत सभाकक्ष में प्रधानमंत्री राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन एवं दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल (भापुसे) की अध्यक्षता में आयोजित इस आयोजन में विभागीय समन्वय को मजबूत बनाकर पीड़ितों का त्वरित उपचार सुनिश्चित कराने पर बल दिया गया।
पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने कहा कि पीएम राहत योजना का मूल उद्देश्य किसी भी दुर्घटना पीड़ित को तत्काल उपचार एवं राहत सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना के समय चिकित्सक और पुलिस फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भूमिका में होते हैं, इसलिए उनका दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील किया कि दुर्घटना की स्थिति में वीडियो बनाने के बजाय घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें, क्योंकि मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित मदद से किसी की जान बचाई जा सकती है।
गोल्डन आवर के महत्व को रेखांकित करते हुए एसपी सूरजपुर श्री पटेल ने कहा कि दुर्घटना के तुरंत बाद का समय उपचार की दृष्टि से सबसे निर्णायक होता है और इस अवधि में उचित इलाज मिल जाने पर घायल का जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पीड़ितों को गोल्डन ऑवर में बिना किसी विलंब के अस्पताल में भर्ती कर अधिकतम 07 दिनों तक प्रति व्यक्ति 1 लाख 50 हजार रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यशाला में एनआईसी के डीआईओ रोहन सिंह ने पीएम राहत योजना की रूपरेखा से अवगत कराया, वहीं डीआरएम जयप्रकाश मेश्राम ने योजना के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने ई-डार पोर्टल की क्रमवार प्रक्रिया समझाई ताकि प्रशिक्षणार्थी हैंड्स-ऑन अनुभव प्राप्त कर सकें। बताया गया कि पीएम राहत योजना एवं ई-डार का प्रमुख लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुलभ कराना है। इस अवसर पर पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग को बेहतर तालमेल के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक दुर्घटना पीड़ित तक समय पर इलाज पहुंचाने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैकरा, समस्त थाना प्रभारी एवं विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर सहित परिवहन, हाईवे तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
