संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर दोकड़ा मंडल में निकली कलश यात्रा.
समरसता संकल्प अभियान के तहत विभिन्न मंदिरों में हुआ आयोजन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं सम्मिलित.
कुनकुरी/दोकड़ा : संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती पर दोकड़ा मंडल श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता के रंग में रंगा नजर आया। समरसता संकल्प अभियान के तहत विभिन्न मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने श्रद्धालुओं के साथ पूजा-अर्चना में सहभागिता की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कार्यकर्ता जुटे तथा समानता, सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता का संकल्प लेकर गुरु रविदास महाराज के विचारों को आत्मसात करने का संदेश दिया।
संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में समरसता संकल्प अभियान के अंतर्गत दोकड़ा मंडल में 26 अगस्त को भव्य कलश-यात्रा का आयोजन किया गया। अभियान के प्रथम दिवस मंडल के विभिन्न गांवों एवं मंदिरों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सामाजिक समरसता, एकता एवं सद्भाव का संकल्प लिया।

कलश-यात्रा के प्रथम दिवस बगिया स्थित श्री फलेश्वर महादेव मंदिर, बांसबहार शिव मंदिर, दोकड़ा हनुमान मंदिर, दोकड़ा श्री जगन्नाथ मंदिर, पतरापाली शिव मंदिर तथा शब्दमुंडा स्थित छतेश्वर महादेव मंदिर में धार्मिक आयोजन किए गए। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर समाज में आपसी भाईचारे और समरसता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से सम्मिलित हुईं। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ धार्मिक अनुष्ठान में सहभागिता करते हुए संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के संदेशों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम में दोकड़ा मंडल प्रभारी विजय शर्मा, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिनेश प्रसाद, जिला पंचायत सदस्य हीरामती पैंकरा, मंडल अध्यक्ष रवि यादव, जनपद सदस्य अटल बिहारी, महामंत्री उपेंद्र नाथ साय, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष रामविलास राम, जिला युवा मोर्चा कोषाध्यक्ष संजय सिंह, युवा महामंत्री प्रभु राम कुमावत, देवदत्त सिंह, दसमत साय, दिलीप कश्यप, विपिन यादव, पार्थो सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कलश-यात्रा के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ आयोजन में भाग लिया। समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से समाज में समानता, सद्भाव और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया।
