किसानों से खाद के अधिक दाम वसूलने की खबर पर जांच, कोतबा की निजी दुकानों में कृषि अधिकारियों ने खंगाले रिकॉर्ड, निर्धारित दर से ज्यादा बिक्री का नहीं मिला सबूत.

किसानों से महंगी खाद वसूलने का आरोप कितना सच ? कृषि विभाग ने दुकानों में की सघन जांच, स्टॉक-बिल खंगालने के बाद नहीं मिली शिकायत की पुष्टि.

जशपुर : जशपुर के कोतबा में किसानों से निर्धारित सरकारी दर से अधिक कीमत पर रासायनिक खाद बेचने की खबर के बाद कृषि विभाग ने निजी उर्वरक दुकानों की जांच की। अधिकारियों की टीम ने दुकानों में उपलब्ध खाद के भौतिक स्टॉक का मिलान स्टॉक रजिस्टर और पॉस से किया। बिल बुक, बिक्री रजिस्टर और प्रदर्शित सरकारी दरों की भी जांच की गई। आसपास के किसानों से भी जानकारी ली गई। विभाग के अनुसार निरीक्षण में तय दर से अधिक कीमत पर खाद बिक्री का कोई तथ्य सामने नहीं आया।

कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 17.08.2026 को दैनिक समाचार पत्र में नगर पंचायत कोतबा के निजी खाद विक्रेताओं द्वारा किसानों को निर्धारित शासकीय दर से अधिक कीमत पर रासायनिक उर्वरक विक्रय किए जाने संबंधी समाचार प्रकाशित हुआ था।

उक्त समाचार के संबंध में वास्तविक स्थिति की जाँच हेतु आर.के. पैंकरा, अनुविभागीय कृषि अधिकारी, जीवन एक्का, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, देव कांत अजगल्ले, उर्वरक निरीक्षक द्वारा दिनांक 26.08.2026 को नगर पंचायत कोतबा स्थित निजी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

जाँच के बिंदु –

1. उर्वरक के उपलब्ध भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया गया तथा उपलब्ध स्टॉक का स्टॉक रजिस्टर एवं पॉस से मिलान किया गया।

2. उर्वरक विक्रय से संबंधित बिल बुक/विक्रय रजिस्टर का परीक्षण किया गया।

3. उर्वरकों के विक्रय हेतु प्रदर्शित शासकीय विक्रय दर का परीक्षण किया गया।

4. मौके पर उपस्थित आस-पास के किसानों से चर्चा कर उर्वरक विक्रय दर तथा दुकानदारों द्वारा अधिक कीमत वसूल किए जाने के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई।

निरीक्षण के दौरान संबंधित निजी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों में उपलब्ध रासायनिक उर्वरकों का स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर एवं बिल बुक का परीक्षण किया गया। उपलब्ध अभिलेखों एवं भौतिक स्टॉक के परीक्षण में निर्धारित विक्रय दर से अधिक कीमत पर रासायनिक उर्वरक विक्रय किए जाने संबंधी कोई तथ्य/प्रकरण निरीक्षण में प्राप्त नहीं हुआ।

आस-पास के किसानों से चर्चा करने पर भी उनके द्वारा उर्वरक निर्धारित शासकीय दर से अधिक कीमत पर विक्रय किए जाने की शिकायत की पुष्टि नहीं की गई।

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