बिल्हा में कबाड़ियों पर ‘ऑपरेशन प्रहार’ का कहर! चोरी का माल खपाने निकले दो आरोपी दबोचे गए, साइकिल रिक्शे से 310 किलो लोहे का कबाड़ और ₹72 हजार का माल जब्त

आपरेशन प्रहार के तहत् मिली सफलता।

बिल्हा कबाडियों मे बिल्हा पुलिस का खौफ।

आरोपी अवैध कबाड के साथ पकडा गया। 

आरोपी चोरी का सामान बेचने के लिये कबाड सामान सायकल रिक्शा मे रखा हुआ था।

लोहे का कबाड सामान कुल वजनी 310 कि.ग्रा. किया गया बरामद।

लोहे के कबाड सामान जुमला कीमती 72000 रू. की जप्ती।

आरोपी लम्बे समय से चोरी का सामान खरीद रहा था। 

नाम अनावेदक –  1. भानु प्रताप चतुर्वेदी पिता लक्ष्मण प्रसाद चतुर्वेदी उम्र 29 वर्ष निवासी मिनीबस्ती थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुर (इस्त.क्र. 02/2026)

2. मुकेश दास मानिकपुरी पिता जीवन दास मानिकपुरी उम्र 29 वर्ष निवासी बोडसरा थाना हिर्री जिला बिलासपुर (इस्त.क्र. 03/2026)

बिलासपुर : उमनि एवं वपुअ महोदय बिलासपुर रजनेश सिंह द्वारा बिलासपुर जिले मे ‘‘आपरेशन प्रहार‘‘ अभियान के तहत् अवैध कबाड पर अंकुश लगाने हेतु के आदेश परिपालन मे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया मधुलिका सिंह एवं नगर पुलिस अधीक्षक महोदय चकरभाठा राजेश जोशी से दिशा निर्देश प्राप्त कर थाना प्रभारी बिल्हा द्वारा अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी इसी क्रम मे दिनांक 03.09.2026 को मुखबीर सूचना मिला कि ग्राम भैसबोड फाटक के पास 02 व्यक्ति सायकल रिक्शा मे कबाडी के सामान लाने की सूचना पर थाना बिल्हा द्वारा मौके पर पेट्रोलिंग के द्वारा रेड कार्यवाही किया गया जहाॅ 02 व्यक्ति अपने-अपने सायकल रिक्शा मे लोहे के कबाड सामान रखे हुये थे जिसे नाम पता पूछने पर मुकेश दास मानिकपुरी पिता जीवन दास मानिकपुरी उम्र 29 वर्ष निवासी बोडसरा थाना हिर्री जिला बिलासपुर व भानु प्रताप चतुर्वेदी पिता लक्ष्मण प्रसाद चतुर्वेदी उम्र 29 वर्ष निवासी मिनीबस्ती थाना सिविल लाईन जिला बिलासपुरं का होना बताये। आरोपी भानुप्रताप से सायकल रिक्शा मे रखे लोहे का छड, टीना वजन 150 कि.ग्रा. कीमती 3500 रूपये व मुकेश दास मानिकपुरी से सायकल मे रखे लोहे का छड, टीना व कबाड सामान वजन 160 कि.ग्रा. कीमती 3700 रूपये जप्त कर दोनो आरोपियो के विरूध्द वैधानिक कार्यवाही की गयी है। 

प्रकरण की उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी बिल्हा निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, पीएसआई मंजुला साहू, रोशनी धु्रव, प्र.आर. 102 अमर चन्द्रा, प्र.आर. 786 अनिल बंजारे आरक्षक 1431 अर्जुन जांगडे व आर. 1390 संतोष मरकाम की अहम भूमिका रही।

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