दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता एवं साफ-सफाई को लेकर व्यापक अभियान
बिलासपुर : यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वास्थ्यकर खानपान सुविधा उपलब्ध कराने हेतु दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 21 अगस्त से 04 सितम्बर 2026 तक तीनों रेल मंडलों बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर में व्यापक खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता एवं साफ-सफाई अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत 311 स्टेशन खानपान इकाइयों, 77 चलती ट्रेन खानपान इकाइयों तथा 14 बेस किचन का गहन निरीक्षण किया गया। मुख्यालय एवं मंडल स्तर के अधिकारियों की निगरानी में संचालित इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित खानपान उपलब्ध कराने के साथ-साथ खानपान सेवाओं में निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना रहा।
निरीक्षण के दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों तथा भारतीय रेलवे के खानपान संबंधी निर्धारित मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं ताजगी, रसोई एवं भोजन तैयार करने वाले स्थानों की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण एवं रख-रखाव, भोजन परोसने वाले काउंटरों की साफ-सफाई, खानपान कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता तथा कचरे के वैज्ञानिक तरीके से निपटान सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की गई।
अभियान के दौरान खानपान सेवाओं से जुड़े विक्रेताओं एवं कर्मचारियों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील किया गया। उन्हें भोजन तैयार करने एवं परोसने के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, दस्ताने एवं टोपी जैसे सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करने, खाद्य सामग्री को उचित तरीके से सुरक्षित रखने तथा कचरे का समय पर एवं उचित तरीके से निपटान करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, यात्रियों के स्वास्थ्य एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित स्वच्छता मानकों का निरंतर पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी एवं गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जा रही है। रेलवे का प्रयास है कि यात्रियों को यात्रा के दौरान न केवल सुविधाजनक, बल्कि सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खानपान सेवाएं भी उपलब्ध हों।
