मौत के बाद भी किसी की जिंदगी रोशन कर सकती हैं आंखें! जशपुर के एकलव्य विद्यालय में नेत्रदान पर जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों को मिली प्रक्रिया की जानकारी; पूरे जिले में अभियान ने पकड़ी रफ्तार

नेत्रदान पखवाड़ा एकलव्य आवासीय विद्यालय घोलेंगें में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जशपुर : राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम अंतर्गत 25 अगस्त से 08 सितम्बर 2026 को नेत्रदान पखवाड़ा के अंतर्गत जिले में नेत्रदान के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ाने तथा नेत्रदान से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से विभिन्न जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।

इसी क्रम में एकलव्य आवासीय विद्यालय, घोलेंगें, जशपुर में नेत्रदान संबंधी विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा तथा जिला चिकित्सालय की टीम द्वारा विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व, इसकी आवश्यकता एवं प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि नेत्रदान एक महान सामाजिक एवं मानवीय कार्य है, जिसके माध्यम से मृत्यु के पश्चात किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दृष्टि का प्रकाश लाया जा सकता है। इस दौरान नेत्रदान से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं, भ्रांतियों एवं सावधानियों के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी प्रदान की गई।

कार्यक्रम में एकलव्य आवासीय विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकगण की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यक्रम को रोचक एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए नेत्रदान विषय पर क्विज प्रतियोगिता एवं प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए नेत्रदान, नेत्र स्वास्थ्य एवं दृष्टि संरक्षण से संबंधित प्रश्नों के उत्तर दिए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति/प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं नेत्रदान के महत्व को समझें तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी नेत्रदान के लिए प्रेरित करें। संपूर्ण जनजागरूकता अभियान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी. एस. जात्रा मार्गदर्शन तथा नेत्ररोग विशेषज्ञ/ नोडल अधिकारी डॉ. सी. पी. एक्का के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। अभियान के सफल क्रियान्वयन में जिले के नेत्र सहायक अधिकारियों एल. पी. मांझी, अनुभा एक्का, आशीष एक्का एवं श्वेता तिर्की सहित समस्त नेत्र सहायक अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम के दौरान हेल्थ एजुकेटर एवं मीडिया प्रभारी (स्वास्थ्य विभाग) गोविंद चौहान, की उपस्थिति एवं सहभागिता रही। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा विद्यार्थियों को नेत्रदान की प्रक्रिया, नेत्रदान से संबंधित आवश्यक जानकारी तथा समाज में इसके प्रचार-प्रसार में युवाओं की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया।

जिले के सभी विकासखंडों में संचालित हो रही गतिविधियां

नेत्रदान पखवाड़ा के अंतर्गत केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि जिले के सभी विकासखंडों में व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। विभिन्न विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थाओं में विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ नेत्र स्वास्थ्य एवं दृष्टि परीक्षण (Eye Screening) कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में जिले के विभिन्न एकलव्य आवासीय विद्यालयों में भी नेत्र जांच एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों की दृष्टि एवं नेत्र स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यकतानुसार परामर्श एवं आगे की जांच/उपचार के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य नेत्रदान पखवाड़ा को केवल एक निर्धारित अवधि तक सीमित न रखते हुए नेत्रदान एवं नेत्र स्वास्थ्य के प्रति निरंतर जनजागरूकता विकसित करना है। विद्यालयों में आयोजित ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों के माध्यम से नेत्रदान का संदेश उनके परिवार एवं समाज तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई कि नेत्रदान के महत्व को समझें, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करें तथा मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने के लिए परिजनों के साथ इस विषय पर चर्चा करें। नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर समाज में दृष्टिहीनता से जूझ रहे लोगों के जीवन में आशा और प्रकाश लाने में सभी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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