जशपुर के स्कूलों में अब शिक्षा के साथ बदलेगा युवाओं का भविष्य! प्राचार्यों की बैठक में बड़ा प्लान, 15-29 वर्ष के युवाओं को ‘यंग लीडर्स डायलॉग’ से जोड़ने की तैयारी

जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत प्राचार्यों की मासिक समीक्षा बैठक ली

सेवा संकल्प अभियान और विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग 2027 के लिए दिए विस्तृत दिशा-निर्देश

जशपुर : कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देश पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में यशस्वी जशपुर कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्यों की मासिक समीक्षा बैठक ली। बैठक में विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति, मूल्यांकन परिणाम तथा अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के प्रदर्शन में सुधार सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार ने 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के विद्यार्थियों एवं युवाओं का विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 के लिए अधिक से अधिक पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता पर जोर देते हुए आगामी सेवा संकल्प अभियान की जानकारी दी तथा विद्यालय स्तर पर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में प्राचार्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने विद्यार्थियों की अपार आईडी एवं जाति प्रमाण पत्र की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही अगस्त माह में विद्यालयों में किए गए पौधारोपण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए ।

 यशस्वी जशपुर के नोडल अधिकारी श्री विनोद कुमार गुप्ता ने विद्यालयवार विद्यार्थियों की उपस्थिति, अगस्त माह के मासिक मूल्यांकन, विद्यालयों में कराए गए प्रायोगिक कार्य, विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार तथा अवंती पोर्टल के माध्यम से जेईई एवं नीट परीक्षा की तैयारी की स्थिति की जानकारी दी। बैठक में अपेक्षाकृत शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की नियमित दैनंदिनी के अवलोकन तथा कक्षा में उनकी नियमित सहभागिता और कार्य सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा की गई। जिला पंचायत सीईओ ने निर्देशित किया कि मासिक मूल्यांकन के आधार पर ऐसे विषयों एवं अवधारणाओं की पहचान की जाए, जिनमें अधिक संख्या में विद्यार्थियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा है। इसके बाद संबंधित विषयों की कठिन अवधारणाओं को पुनः स्पष्ट करते हुए रेमेडियल टीचिंग के माध्यम से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और शैक्षणिक परिणामों में सुधार लाया जाए। उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नियमित निगरानी, विद्यार्थियों की प्रगति का सतत मूल्यांकन तथा आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। बैठक में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के प्राचार्य, यशस्वी जशपुर के श्री अवनीश पांडेय, श्री संजय दास सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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