गृहिणी से ई-रिक्शा चालक बनीं गंगा साहू, बदली जिंदगी की राह! ‘दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’ ने दिया रोजगार, आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आय में बढ़ाया योगदान

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से गंगा साहू बनीं आत्मनिर्भर

परिवार की आर्थिक स्थिति को दे रहीं मजबूती

बिलासपुर : शहर की रहने वाली श्रीमती गंगा साहू के जीवन में छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग द्वारा संचालित ’’दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना’’ ने सकारात्मक बदलाव लाया है। योजना का लाभ मिलने से अब वे न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

योजना का लाभ मिलने से पहले श्रीमती गंगा साहू गृहणी थीं। उनका अधिकांश समय बच्चों की देखरेख और घर-गृहस्थी के कार्यों में व्यतीत होता था। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच स्वयं की आय का कोई साधन नहीं था। ऐसे में श्रम विभाग की दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई। शासन से प्राप्त सहायता के माध्यम से उन्हें ई-रिक्शा उपलब्ध हुआ। ई-रिक्शा संचालन से अब वे नियमित रूप से रोजगार प्राप्त कर अपनी आमदनी अर्जित कर रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर परिवार की जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दे रही हैं। श्रीमती गंगा साहू बताती हैं कि पहले वे केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, लेकिन शासन की योजना से उन्हें रोजगार का अवसर मिला। आज वे अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार के खर्चों में हाथ बंटा रही हैं। उनके लिए यह योजना केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि ’’आत्मनिर्भरता और सम्मान के साथ जीवन जीने का माध्यम’’ बनी है।

दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। श्रीमती गंगा साहू ने शासन द्वारा मिली इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया और अन्य महिलाओं को भी योजना का लाभ उठाने हेतु प्रेरित कर रही है।

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