जशपुर : कागजी रिकॉर्ड से डिजिटल दस्तावेज तक पहुंचा किसान का भरोसा, डीसीएस-एग्रीस्टैक से सुरक्षित हुई जमीन की जानकारी; खाद-बीज, कृषि यंत्र, पशुधन समेत योजनाओं का लाभ लेने की राह हुई आसान

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सफलता की कहानी

डीसीएस एवं एग्रीस्टैक से भूमि के दस्तावेज हुए सुरक्षित,

योजनाओं का लाभ मिलना हुआ आसान

जशपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में राजस्व विभाग की डीसीएस एवं एग्रीस्टैक योजना किसानों के लिए सुविधा और पारदर्शिता का माध्यम बन रही है।

दुलदुला तहसील के ग्राम सिरिमकेला वार्ड क्रमांक 09 निवासी मनरखन पिता जुमन को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है।

डिजिटल रिकॉर्ड से भूमि संबंधी जानकारी हुई आसान

हितग्राही मनरखन ने बताया कि पहले उन्हें अपनी भूमि की गिरदावरी और पंजीयन से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। उन्हें यह पता नहीं चल पाता था कि धान की गिरदावरी हुई है या नहीं और उनकी भूमि का कितना क्षेत्रफल पंजीकृत है।

डीसीएस एवं एग्रीस्टैक योजना के माध्यम से भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज होने से अब उनके भूमि संबंधी दस्तावेज एवं अभिलेख सुरक्षित और व्यवस्थित हो गए हैं। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से फसल एवं भूमि की जानकारी प्राप्त करना भी आसान हुआ है।

विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा

हितग्राही ने बताया कि डीसीएस एवं एग्रीस्टैक से जुड़ने के बाद कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, पशुधन विभाग एवं राजस्व विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ प्राप्त करने में सुविधा हो रही है।

खाद-बीज, कृषि यंत्र एवं पशुधन से संबंधित योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी सरल हुई है।

उन्होंने कहा कि अब ऑनलाइन माध्यम से सीएससी सेंटर या घर बैठे फसल विवरण और भूमि विवरण की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल रिकॉर्ड के कारण अपनी उपज, विशेषकर धान की बिक्री में भी सुविधा मिलने की उम्मीद है और विक्रय प्रक्रिया अधिक सरल एवं सुविधाजनक होगी।

हितग्राही ने छत्तीसगढ़ शासन को दिया धन्यवाद

मनरखन ने कहा कि डीसीएस एवं एग्रीस्टैक में उनकी भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड दर्ज होने से भूमि संबंधी दस्तावेज सुरक्षित हो गए हैं। इससे उन्हें अपनी भूमि और फसल से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में सुविधा मिल रही है। उन्होंने योजना के लिए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

उन्होंने बताया कि डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से विभिन्न विभागों की शासकीय योजनाओं का पात्रतानुसार लाभ प्राप्त करने में आसानी होगी।

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