शराब के मामले में पकड़ा गया, अगले दिन अस्पताल ले जाते समय हुई मौत; मानवाधिकार आयोग की जांच के बाद जांजगीर में 3 साल पुराने मामले ने लिया नया मोड़, आबकारी कर्मचारियों पर हत्या का अपराध दर्ज

मानवाधिकार आयोग की जांच के बाद बड़ी कार्रवाई,  जिला  जेल जांजगीर बंदी की मौत के मामले में 3 साल बाद हत्या का अपराध दर्ज

जांच में बड़ा खुलासा – जेल भेजने से पहले आबकारी टीम ने की थी  मारपीट

थाना नवागढ़ में आबकारी कर्मचारियों पर धारा 302 के तहत हत्या का अपराध पंजीबद्ध

जांजगीर-चांपा : जिले के थाना नवागढ़ क्षेत्र का मामला वर्ष 2022 में जिला जेल में बंद विचाराधीन कैदी की मौत के मामले में जांजगीर -चांपा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। SDM की जांच रिपोर्ट के आधार पर आबकारी विभाग के संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

2022 की घटना का पूरा सच :-

थाना जांजगीर में मर्ग क्र. 45/2022 धारा 174 CrPC के तहत मृतक जगदीश गोंड, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम कटौद, थाना नवागढ़ की मौत की जांच चल रही थी।

जांच में सामने आया कि 15 अप्रैल 2022 को आबकारी वृत्त शिवरीनारायण की टीम ने देवरी मोड़, केरा-बिर्रा मार्ग पर छापेमारी कर जगदीश गोंड एवं महादेव गोंड को 30 लीटर कच्ची महुआ शराब के साथ पकड़ा था। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल जांजगीर में दाखिल कराया गया।

अगले ही दिन जेल में जगदीश की तबीयत बिगड़ी और जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

जांच में मारपीट का खुलासा :-

जांच के दौरान सहबंदी के बयान और शव पंचनामा में मिले चोट के निशानों से स्पष्ट हुआ कि जेल में दाखिल करने से पहले आबकारी कर्मचारियों द्वारा मृतक के साथ मारपीट की गई थी, जिसके कारण उसकी मृत्यु हुई।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना नवागढ़ में संबंधित आबकारी कर्मचारियों के विरुद्ध धारा 302, 34 भादवि (हत्या) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अग्रिम विवेचना जारी है।

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