विजयादशमी पर रक्षित केंद्र जशपुर के शस्त्रागार में विधि-विधान से हुआ शस्त्र पूजन, की गई जिले की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना.
डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने विधिवत शस्त्र पूजन कर शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संकल्प को दोहराया.
जिले के सभी थाना एवं चौकियों में भी परंपरानुसार किया गया शस्त्र पूजन, शस्त्र पूजन के पश्चात विभिन्न हथियारों से किया गया हर्ष फायर.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, डीएसपी, रक्षित निरीक्षक सहित पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी रहे उपस्थित.
जशपुर : जशपुर में विजयादशमी के पावन अवसर पर रक्षित केंद्र के शस्त्रागार में परंपरा, आस्था और कर्तव्यनिष्ठा का संगम देखने को मिला। डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन कर जिले की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना की। इस अवसर पर जिले के सभी थाना एवं चौकियों में भी शस्त्र पूजन किया गया। पूजा के पश्चात परंपरानुसार विभिन्न हथियारों से हर्ष फायर किया गया तथा पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी विजयादशमी के पावन अवसर पर रक्षित केंद्र जशपुर के शस्त्रागार में शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ किया गया। इस अवसर पर डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने शस्त्रों की विधिवत पूजा-अर्चना कर जिले में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा आम नागरिकों की सेवा के प्रति जशपुर पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराई।
शक्ति, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है शस्त्र पूजन –
शस्त्र पूजन भारतीय संस्कृति की प्राचीन एवं महत्वपूर्ण परंपरा है। विजयादशमी के अवसर पर शस्त्रों की पूजा शक्ति, साहस, पराक्रम, अनुशासन एवं कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रतीक मानी जाती है। पुलिस विभाग में इस परंपरा का विशेष महत्व है, क्योंकि शस्त्र पुलिस बल के कर्तव्यों के निर्वहन तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
परंपरानुसार कुष्माण्डा के रूप में अर्पित की गई प्रतीकात्मक बलि –
शस्त्र पूजन के दौरान जिले एवं समाज में सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति तथा सर्वांगीण विकास की मंगलकामना की गई। परंपरा के अनुसार प्रतीकात्मक रूप से तलवार से कुष्माण्डा काटकर बलि अर्पित की गई। इसके पश्चात विभिन्न हथियारों से हर्ष फायर किया गया। इस अवसर पर सभी के जीवन में सुख-शांति बनी रहने तथा समाज में आपसी सद्भाव, सौहार्द एवं भाईचारा कायम रहने की कामना की गई।
जिले के सभी थाना एवं चौकियों में भी हुआ शस्त्र पूजन –
विजयादशमी के अवसर पर रक्षित केंद्र जशपुर के साथ-साथ जिले के सभी थाना एवं चौकियों में भी परंपरानुसार शस्त्र पूजन किया गया। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विधि-विधान से शस्त्रों की पूजा-अर्चना कर अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा, अनुशासन एवं समर्पण की भावना को दोहराया। इस अवसर पर जिले में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने, कानून-व्यवस्था की प्रभावी निगरानी करने तथा आम नागरिकों की सेवा एवं सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प लिया गया।
जनसेवा एवं सुरक्षा के प्रति पुलिस ने दोहराई प्रतिबद्धता –
विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई तथा अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। इसी भावना के अनुरूप जशपुर पुलिस जिले में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण करने तथा आम नागरिकों की सहायता एवं सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। शस्त्र पूजन के अवसर पर पुलिस बल ने अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा एवं जनसेवा की भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के संकल्प को दोहराया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी रहे उपस्थित –
रक्षित केंद्र जशपुर में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार, डीएसपी कुंज राम चौहान, एसडीओपी जशपुर निमितेश सिंह, डीएसपी अजाक भावेश कुमार समरथ, डीएसपी शुभांशु तिवारी, डीएसपी आशा तिर्की, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खुंटे, निरीक्षक आशीष तिवारी, निरीक्षक अमित तिवारी, उपनिरीक्षक खेमराज ठाकुर, प्रशिक्षु सूबेदार रविशंकर साहू सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
