अब विदेशी TBM पर निर्भरता होगी कम? भारत 16 मीटर से बड़ी टनल बोरिंग मशीन बनाने की तैयारी में, अश्विनी वैष्णव ने बताई आत्मनिर्भरता की नई दिशा।

अश्विनी वैष्णव ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में टनल बोरिंग मशीन (TBM) तकनीक में भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला

बिलासपुर : केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत अपने बुनियादी ढांचा क्षेत्र (इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर) की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए टनल बोरिंग मशीन (TBM) तकनीक में किस तरह अपनी स्वदेशी क्षमताएं विकसित कर रहा है।

रेलवे, राजमार्ग और बिजली परियोजनाओं के लिए सुरंगें बनाने में TBM की अहम भूमिका होती है। पहले भारत इन मशीनों के लिए आयात पर निर्भर था, लेकिन अब वह 8 मीटर और 15 मीटर व्यास (डायमीटर) वाली TBM का निर्माण कर रहा है। देश अब 16 मीटर से अधिक व्यास वाली TBM बनाने की भी तैयारी कर रहा है।

तमिलनाडु में निर्माण सुविधाओं और बढ़ती तकनीकी विशेषज्ञता के साथ, भारत धीरे-धीरे एक संपूर्ण TBM इकोसिस्टम विकसित कर रहा है, जिसमें डिज़ाइन और निर्माण से लेकर रखरखाव (मेंटेनेंस) तक के सभी चरण शामिल हैं। यह प्रगति ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना को दर्शाती है और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा तकनीक के क्षेत्र में भारत की घरेलू क्षमताओं को मजबूत करती है।

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