ई-रिक्शा में छिपाकर बेच रहे थे नशीली कफ सिरप, सप्लाई चैन तक पहुंची पुलिस! तीन दोषियों को 20-20 साल की सजा और कुल ₹10 लाख जुर्माना

बरामदगी से सप्लाई चैन तक प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन—कोडीनयुक्त कफ सिरप प्रकरण में तीन दोषियों को 20–20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल ₹10 लाख अर्थदंड

थाना आमानाका में 16.10.2025 को अपराध पंजीबद्ध तथा 01.04.2026 को चालान प्रस्तुत; 28.10.2026 को जारी सजायाबी वारंटों के अनुसार तीन आरोपियों को कठोर सजा।

अपराध पंजीयन से 377 दिवस तथा चालान प्रस्तुत होने से मात्र 210 दिवस के भीतर दोषसिद्धि एवं सजा।

एम्स अस्पताल के गेट नंबर 04 के पास ई-रिक्शा से की गई थी नशीली सिरप बरामद।

स्थानीय बिक्री से आपूर्तिकर्ताओं तक सप्लाई चैन की विवेचना

रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही के साथ-साथ NDPS प्रकरणों की विवेचना, अभियोजन एवं ट्रायल मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में गवाहों की समय पर न्यायालय में उपस्थिति, समन एवं वारंट की तामीली तथा अभियोजन से समन्वय के माध्यम से प्रकरणों का विचारण अनावश्यक रूप से लंबित न रहने देने के प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में थाना आमानाका के अपराध क्रमांक 340/2025, विशेष दांडिक प्रकरण क्रमांक 61/2026 में कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार में संलिप्त तीन आरोपियों को माननीय विशेष न्यायालय (NDPS एक्ट), रायपुर द्वारा 20–20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल ₹10 लाख अर्थदंड से दंडित किया गया है।

घेराबंदी कर नशीली सिरप की बरामदगी :- मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि एम्स अस्पताल के गेट नंबर 04 के पास जी.ई. रोड, टाटीबंध में दो व्यक्ति ई-रिक्शा में नशीली सिरप रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना पर उप निरीक्षक मिनेश्वर बघेल एवं उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की तथा ई-रिक्शा में मौजूद युवराज सिंह चौहान एवं वाजिद खान को पकड़ा।

तलाशी में ई-रिक्शा की पिछली सीट पर रखे बैग से Glankof-T की 40 शीशी कोडीनयुक्त कफ सिरप, प्रत्येक 100 एमएल, कुल 4 लीटर, कीमत ₹9,200 बरामद हुई। आरोपी सिरप रखने अथवा बिक्री करने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पुलिस ने सिरप, घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा एवं मोबाइल फोन जप्त कर दिनांक 16.10.2025 को अपराध पंजीबद्ध किया।

बरामदगी से आगे बढ़कर सप्लाई चैन की विवेचना :- विवेचना को केवल बरामदगी एवं प्रारंभिक आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखा गया। युवराज सिंह चौहान एवं वाजिद खान से पूछताछ में उक्त सिरप चरोदा, जिला दुर्ग निवासी निहाल सिंह से खरीदकर बिक्री के लिए लाने की जानकारी सामने आई। प्राप्त तथ्यों के आधार पर निहाल सिंह को भी दिनांक 16.10.2025 को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार स्थानीय बिक्री से लेकर आपूर्ति की अगली कड़ी तक जांच की गई।

वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का संकलन :- जप्त सिरप का माननीय न्यायालय से भौतिक सत्यापन एवं इन्वेंटरी संबंधी कार्यवाही कराते हुए विधि विज्ञान प्रयोगशाला, रायपुर से वैज्ञानिक परीक्षण कराया गया। आरोपियों के मोबाइल नंबरों की CAF एवं CDR प्राप्त कर आपसी संपर्क एवं सप्लाई चैन से संबंधित साक्ष्यों का संकलन किया गया। कार्यवाही से संबंधित दस्तावेज, गवाहों के कथन एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी संकलित किए गए।

विवेचना पूर्ण कर धारा 21(C), 29 NDPS एक्ट के अंतर्गत अभियोग पत्र तैयार किया गया तथा दिनांक 01.04.2026 को माननीय विशेष न्यायालय (NDPS एक्ट), रायपुर के समक्ष चालान प्रस्तुत किया गया।

तीनों दोषियों को कठोर सजा :- माननीय विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट), रायपुर श्रीमती किरण थवाईत के न्यायालय द्वारा—

1. युवराज सिंह चौहान को धारा 21(C) एवं धारा 29 सहपठित धारा 21(C), NDPS एक्ट के अंतर्गत प्रत्येक अपराध में 20–20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा ₹2–2 लाख अर्थदंड, कुल ₹4 लाख अर्थदंड।

2. वाजिद खान को धारा 21(C) एवं धारा 29 सहपठित धारा 21(C), NDPS एक्ट के अंतर्गत प्रत्येक अपराध में 20–20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा ₹2–2 लाख अर्थदंड, कुल ₹4 लाख अर्थदंड।

3. निहाल सिंह को धारा 29 सहपठित धारा 21(C), NDPS एक्ट के अंतर्गत 20 वर्ष का सश्रम कारावास तथा ₹2 लाख अर्थदंड से दंडित किया गया।

युवराज सिंह चौहान एवं वाजिद खान को दी गई मुख्य कारावास की सजाएँ साथ-साथ भुगताई जाएँगी। तीनों दोषियों पर कुल ₹10 लाख अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।

समयबद्ध न्यायिक प्रक्रिया का प्रभाव :- दिनांक 28.10.2026 को जारी सजायाबी वारंटों के अनुसार अपराध पंजीयन से 377 दिवस, लगभग एक वर्ष 12 दिन, तथा चालान प्रस्तुत होने से मात्र 210 दिवस के भीतर प्रकरण में दोषसिद्धि एवं कठोर सजा हुई।

यह प्रकरण दर्शाता है कि नशीली सिरप की बरामदगी के साथ उसकी आपूर्ति की कड़ियों की जांच, वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का संकलन तथा प्रभावी अभियोजन से अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों को कठोर दंड तक पहुंचाया जा सकता है।

कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका :- प्रकरण में घेराबंदी, बरामदगी एवं विवेचना की कार्यवाही में उप निरीक्षक मिनेश्वर बघेल, हमराह सहायक उप निरीक्षक प्राणेश्वर वर्मा, आरक्षक दीपक पाण्डेय, गुलशन चौबे एवं आशीष शुक्ला की महत्वपूर्ण भूमिका रही। निरीक्षक सुधांशु बघेल, थाना प्रभारी आमानाका द्वारा चालानी कार्यवाही की गई।

यह प्रकरण नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध प्रभावी विवेचना, सप्लाई चैन की जांच एवं अभियोजन के माध्यम से कठोर सजा प्राप्त करने की दिशा में एक उल्लेखनीय सफलता है।

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