जिन्हें लेकर अपहरण की उड़ रही थीं अफवाहें, उनमें से 39 सकुशल मिले! रायपुर पुलिस के विशेष अभियान में खुला घर छोड़ने का राज—कोई काम की तलाश में निकला तो कोई प्रेम संबंध के चलते, 11 अब भी लापता

विशेष अभियान में 39 लापता व्यक्तियों को खोजकर परिजनों से मिलवाया, परिवारों को मिली राहत

मिल चुके सभी व्यक्तियों के संबंध में जांच में किसी के साथ अपराध अथवा अनिष्ट घटित होना नहीं पाया गया

रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल ज़ोन डीसीपी तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में सेंट्रल जोन के थाना क्षेत्रान्तर्गत लापता व्यक्तियों की तलाश के लिए अभियान के रूप में कार्यवाही की गई। एडिशनल डीसीपी विवेक शुक्ला के मार्गदर्शन में विभिन्न थानों की पुलिस टीमों द्वारा लगातार पतासाजी एवं समन्वय से दिनांक 30 अक्टूबर 2026 की स्थिति में कुल 50 प्रकरणों में से 39 लापता व्यक्तियों को खोजकर उनके परिजनों से मिलवाया जा चुका है। शेष 11 व्यक्तियों की भी तलाश जारी है।

पूर्व में गुमशुदगी के इन मामलों को एक साथ कई लोगों के अपहरण की घटनाओं के रूप में प्रस्तुत करने वाली भ्रामक जानकारी सामने आई थी। इस संबंध में रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पहले भी अपील जारी कर स्थिति स्पष्ट की गई थी कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार 22 मई 2026 के उपरांत प्राप्त गुमशुदगी की सूचनाओं पर भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर तलाश एवं जांच की कार्यवाही की जा रही है। जिन सूचनाओं पर पूर्व में गुम इंसान प्रकरण दर्ज किया जाता था, उनमें अब एफआईआर दर्ज करना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है। एफआईआर दर्ज होने मात्र से अपहरण अथवा अन्य अपराध घटित होना प्रमाणित नहीं होता।

थानावार स्थिति के अनुसार, थाना कोतवाली में दर्ज 05 प्रकरणों में 04, थाना गोलबाजार में 04 प्रकरणों में 03, थाना मौदहापारा में 12 प्रकरणों में 11, थाना गंज में 07 प्रकरणों में 04, थाना सिविल लाइन में 10 प्रकरणों में 06, थाना तेलीबांधा में 08 प्रकरणों में 07 तथा थाना देवेंद्र नगर में दर्ज सभी 04 प्रकरणों में लापता व्यक्तियों को खोजकर परिजनों से मिलवाया गया है। इस प्रकार कुल 50 प्रकरणों/लापता व्यक्तियों में से 39 व्यक्ति मिल चुके हैं।

अब तक मिल चुके व्यक्तियों से पूछताछ एवं प्रकरणों की जांच में उनके लापता होने के अलग-अलग व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कारण सामने आए हैं। इनमें काम की तलाश में बाहर चले जाना , परिवार से नाराज होकर घर छोड़ना, मानसिक अस्वस्थता के कारण परिवार से बिछड़ जाना तथा प्रेम संबंध के चलते घर से चले जाना एवं विवाह कर लेना जैसी परिस्थितियां भी शामिल हैं। कुछ व्यक्ति नवरात्रि के दौरान परिजनों को बिना बताए डोंगरगढ़ दर्शन के लिए चले गए थे जिनके परिजन ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

मिल चुके सभी 39 व्यक्तियों के कथनों एवं अब तक की जांच में किसी के साथ अपराध अथवा किसी प्रकार का अनिष्ट घटित होना नहीं पाया गया है। शेष लापता व्यक्तियों की तलाश भी गंभीरता से की जा रही है तथा उनके परिजनों से संपर्क रखते हुए पतासाजी जारी है।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रत्येक शिकायत पर गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करने तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। आमजन से अपील है कि अपुष्ट सूचनाओं से भ्रमित न हों और तथ्यों की पुष्टि के बिना उन्हें साझा न करें।

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