नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर पुणे ले गया, दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपी को 20 साल का कठोर कारावास! पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई सजा, बलौदाबाजार पुलिस की साक्ष्य-आधारित विवेचना से दोषी करार!

नाबालिग बालिका के अपहरण, दुष्कर्म के गंभीर मामले में आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा सुनाई गई 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं अर्थदंड की सजा

माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बलौदाबाजार गिर्जेश प्रताप सिंह द्वारा पारित किया गया दण्डादेश

बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा की गई सूक्ष्म, वैज्ञानिक एवं साक्ष्य-आधारित विवेचना के परिणामस्वरूप आरोपी को मिला कड़ा कानूनी दंड

महिला एवं बाल सुरक्षा के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस की प्रभावी पैरवी से न्याय सुनिश्चित

बलौदाबाजार-भाटापारा : बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा जिले में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर अंकुश लगाने तथा अपराधियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में चौकी करहीबाजार क्षेत्र अंतर्गत नाबालिग बालिका के अपहरण, दुष्कर्म के गंभीर प्रकरण में पुलिस की बारीकी से की गई विवेचना और न्यायालय में प्रस्तुत मजबूत साक्ष्यों के आधार पर माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो), बलौदाबाजार द्वारा निर्णय पारित करते हुए आरोपी को दोषसिद्ध करार दिया गया है। 

पुलिस विवेचना एवं कार्रवाई का संक्षिप्त विवरण:

1. ​प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) एवं पंजीयन:- दिनांक 08.06.2025 को प्रार्थिया (पिता) द्वारा पुलिस चौकी करहीबाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि उनकी नाबालिग पुत्री दिनांक 03.06.2025 की रात्रि घर से बिना बताए कहीं चली गई है, जो वापस नहीं आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध गुम इंसान क्रमांक 62/2025 कायम कर अपहृता की तलाश शुरू की गई तथा बाद में अपहरण व पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध क्र. 601/2025 पंजीबद्ध किया गया। 

2. ​त्वरित दस्तयाबी एवं तकनीकी साक्ष्य:- विवेचना के दौरान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा पीड़िता से पूछताछ की गई तथा तकनीकी सहायता व सुरागकशी के आधार पर दिनांक 08.07.2025 को आरोपी मुकेश कुमार निषाद के कब्जे से पीड़िता को सुरक्षित दस्तयाब किया गया। 

3. ​गंभीर धाराओं का समावेश एवं एफएसएल जांच:- पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पीड़िता को बहला-फुसलाकर महाराष्ट्र के पुणे ले गया था, जहां लगातार उसके सांथ दुष्कर्म किया। पुलिस द्वारा पीड़िता का मेडिकल परीक्षण, डीएनए टेस्ट हेतु सैंपल राज्य न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) रायपुर भेजना तथा दाखिल-खारिज रजिस्टर से आयु की पुष्टि जैसे सभी वैज्ञानिक व भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए। 

4. ​अभियोग पत्र एवं न्यायालयीन परीक्षण:- तत्कालीन चौकी प्रभारी एवं विवेचना अधिकारी सहायक उप निरीक्षक राजेंद्र पाटिल द्वारा संपूर्ण विवेचना पूर्ण कर दिनांक 19.08.2025 को माननीय न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक श्रीमती निशा शर्मा की मौजूदगी में महत्वपूर्ण गवाहों, चिकित्सकीय साक्ष्यों व पुलिस विवेचक के विधिवत परीक्षण से अभियोजन पक्ष को मजबूती मिली। 

माननीय न्यायालय का निर्णय एवं सजा:- ​माननीय विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बलौदाबाजार श्री गिर्जेश प्रताप सिंह द्वारा दिनांक 14.10.2026 को पारित निर्णय में पुलिस द्वारा प्रस्तुत अकाट्य साक्ष्यों को आधार बनाते हुए आरोपी को निम्नलिखित धाराओं में दोषी ठहराया गया है: 

1. ​धारा 137(2) BNS:–  05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000/- अर्थदंड (अदा न करने पर 02 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास)। 

2. ​धारा 87 BNS:–  07 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹1,000/- अर्थदंड (अदा न करने पर 02 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास)। 

3. धारा 04(2) पॉक्सो एक्ट:- 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000/- अर्थदंड (अदा न करने पर 04 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास)। 

4. धारा 06 पॉक्सो एक्ट:- 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं ₹2,000/- अर्थदंड (अदा न करने पर 04 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास)।

(नोट: उपरोक्त सभी धाराओं/अपराधों में दी गई कारावास की सजाएं एक सांथ भुगतायी जाएंगी)

​दण्डित आरोपी- मुकेश कुमार निषाद उर्फ मकु पिता कृष्ण कुमार निषाद ​उम्र: 29 वर्ष 

​निवासी:- ग्राम पारागांव, चौकी करहीबाजार

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