किसान सभा की अगुआई में भू-विस्थापितों की महापंचायत, 11 की नाकेबंदी के लिए 54 गांव और 7 संगठन हुए लामबंद, अधिग्रहित जमीन की वापसी, रोजगार व पुनर्वास की मांग.

भू विस्थापितों की समस्याओं के निराकरण के लिए एसईसीएल के अधिकारियों द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, अधिकारियों का ध्यान केवल कोयला उत्पादन को बढ़ाने में है. समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, कोरबा कोरबा : छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेतृत्व में भूविस्थापितों के लंबित रोजगार प्रकरणों, अनुपयोगी अधिग्रहित जमीन की वापसी, पुनर्वास और रोजगार की मांग को लेकर आयोजित महापंचायत में 54 गांवों और भू-विस्थापितों के 7 संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोगों ने भाग लिया। महापंचायत में 11 सितंबर को रेल और सड़क मार्ग जाम कर कोयले की आर्थिक…

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