छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन छत्तीसगढ़ शनिवार 20 जुलाई को तुता (निमोरा) नवा रायपुर में करेगा ध्यानाकर्षण रैली. समदर्शी न्यूज़ – रायपुर | छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन छत्तीसगढ़ प्रदेश के शासकीय कार्यालयों/विभागों/संस्थाओं में कार्यरत अनियमित कर्मचारियों नियमितीकरण, निकाले गए कर्मचारियों की बहाली, न्यून मानदेय कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन दिए जाने, अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालीन करने, आउट सोर्सिंग/ठेका/सेवा प्रदाता/समूह-समिति के माध्यम से नियोजन सिस्टम बंद करते हुए इन कर्मचारियों के नियमितीकरण/स्थायीकरण करने की वषों से लंबित एवं न्यायोचित माँगों को शीघ्र पूर्ण करने, 10 सूत्रीय मांगों पर सरकार का ध्यान…
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छत्तीसगढ़ प्रगतिशील अनियमित कर्मचारी फेडरेशन एवं 85 सहयोगी संगठनों के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से किया अनुरोध : कमेटी को रिपोर्ट देने की समय-सीमा निर्धारित करे सरकार – गोपाल प्रसाद साहू
समदर्शी न्यूज़ – रायपुर : प्रदेश के शासकीय कार्यालयों में कार्यरत अनियमित (अस्थायी) कर्मचारी जैसे-आउटसोर्सिंग (प्लेसमेंट), सेवा प्रदाता, ठेका, जॉबदर, संविदा, दैनिक वेतनभोगी, कलेक्टर दर, श्रमायुक्त दर पर कार्यरत श्रमिक, मानदेय, अशंकालिक, पृथक अनियमित कर्मचारी की समस्याओं एवं मांगों की समीक्षात्मक प्रक्रिया आरम्भ करने एवं मार्ग प्रशस्त करने हेतु श्रीमती निहारिका बारिक-प्रमुख सचिव, छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अध्यक्षता में बनी 5 सदस्यीय कमेटी को रिपोर्ट सौंपने समय-सीमा के साथ किन-किन बिन्दुओं पर अनुसंशा की जावेगी तय करे सरकार। उल्लेखनीय है कि अनियमित (अस्थायी) कर्मचारियों की मांगों…
Read Moreछत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) अवकाश नियम में परिवर्तन भेदभावपूर्ण – गोपाल प्रसाद साहू
समदर्शी न्यूज़ – रायपुर : छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के नियम 13 के उप नियम (1) में 30 दिनों के अवकाश के स्थान पर 18 दिन किया जाना भेदभावपूर्ण है एवं इससे नियुक्त कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 7 लाख से अधिक अनियमित कर्मचारी है। जो न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 से अधिशासित होते है। विभिन्न अनियमित वर्ग जैसे संविदा, मानदेय, जॉबदर, आउटसोर्सिंग, ठेका, अंशकालीन के 4 लाख से अधिक कर्मचारी इस नियम के बदलाव…
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