हत्या के मामले में न्यायालय का बड़ा फैसला : “बहुत परेशान करता था इसलिए मारा…”—पिता-पुत्र को 10-10 साल की जेल, सूरजपुर कोर्ट का फैसला, साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को सश्रम कारावास.

तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सूरजपुर ने आपराधिक मानव-वध मामले में पिता-पुत्र को दी 10-10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा. थाना सूरजपुर में अपराध क्रमांक 290/2024 धारा 302, 34 भादवि. का पंजीबद्ध कर की गई थी विवेचना. सूरजपुर : न्याय व्यवस्था में निष्पक्ष सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर दिए गए निर्णय समाज में कानून के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हैं। सूरजपुर जिले के एक चर्चित आपराधिक मानव-वध मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय यह दर्शाता है कि गंभीर अपराधों पर न्यायालय की पैनी…

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पेशेवर विवेचना का असर : वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दिलाई सजा ! कोतरारोड़ हत्याकांड में न्यायालय का बड़ा फैसला, रायगढ़ पुलिस की जांच की हुई सराहना, हत्या मामले में 6वीं बार उम्रकैद दिलाने में सफल रहे उपनिरीक्षक गिरधारी साव.

सटीक जांच और प्रभावी अभियोजन का परिणाम — कोतरारोड़ हत्याकांड के दोनों आरोपी को उम्रकैद, रायगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता. गंभीर अपराध पर कड़ा प्रहार — उपनिरीक्षक गिरधारी साव की विवेचना से लगातार 6वीं बार मिली आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा. एसएसपी शशि मोहन सिंह का संदेश — रायगढ़ पुलिस की पेशेवर जांच से दोषियों को कड़ी सजा, पीड़ित परिवार को मिला न्याय. रायगढ़ : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के बहुचर्चित कोतरारोड़ हत्याकांड में न्यायालय के ऐतिहासिक फैसले ने यह साबित कर दिया कि सटीक जांच और मजबूत अभियोजन…

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