बी.सी.सखी के रूप में कार्य करके पवनरेखा को मिली अलग पहचान, गांव वाले बुलाते हैं बैंक वाली दीदी कहकर : घर-घर पहुँच कर दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय लोगों को राशि भुगतान कर सेवा भावना का उदाहरण कर रही हैं प्रस्तुत

बीसी सखी के रूप में पवनरेखा ग्रामीण क्षेत्रो मे बैकिंग सुविधाए करा रही है उपलब्ध समदर्शी न्यूज़ ब्यूरो, कोरबा बदलते परिवेश एवं भाग दौड़ के इस समय में बैंक में वित्तीय लेनदेन का दबाव बढ़ा है साथ ही आमजनों को बैंक से वित्तीय लेनदेन में परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे मे बीसी सखी (बैंकिग कोरेस्पोंडेंट एवं डिजि-पे दीदी) ग्रामीण क्षेत्रो में बैकिंग सुविधाए उपलब्ध करा रही है। बीसी सखी द्वारा दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों, वनांचलों ग्रामीण क्षेत्रो में सेवा भावना से लोगों के घर-घर जाकर दिव्यांग, वृद्धा एवं…

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