Author: Vishnu Joshi (SAMDARSHI NEWS)

  • बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक छलांग, 320 एमवीए की नई शक्ति से बदलेगी औद्योगिक तस्वीर, सेमीकंडक्टर पार्क को मिलेगी निर्बाध बिजली, अब उद्योगों को मिलेगी हाई-कैपेसिटी और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति.

    बड़ी खबर : छत्तीसगढ़ की बिजली व्यवस्था में ऐतिहासिक छलांग, 320 एमवीए की नई शक्ति से बदलेगी औद्योगिक तस्वीर, सेमीकंडक्टर पार्क को मिलेगी निर्बाध बिजली, अब उद्योगों को मिलेगी हाई-कैपेसिटी और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति.

    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने प्रदेश की पारेषण अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला के करकमलों द्वारा 220/132 केवी लिटिया सेमरिया उपकेंद्र में स्थापित 160-160 एमवीए क्षमता के दो 220/132 केवी पावर ट्रांसफार्मरों का सफलतापूर्वक ऊर्जीकरण किया गया। प्रथम ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण सायं 5:22 बजे तथा द्वितीय ट्रांसफार्मर का ऊर्जीकरण सायं 5:27 बजे किया गया। दोनों ट्रांसफार्मरों के सफल ऊर्जीकरण से उपकेंद्र में 320 एमवीए की अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी (Transformation Capacity) उपलब्ध हो गई है।

    इस परियोजना से राजनांदगांव एवं दुर्ग क्षेत्र की पारेषण व्यवस्था को उल्लेखनीय मजबूती मिलेगी। बढ़ती विद्युत मांग के अनुरूप विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा तथा क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। साथ ही भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पारेषण तंत्र भी अधिक सक्षम बनेगा।

    प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने इस उपलब्धि पर परियोजना से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य में औद्योगिक विकास एवं उपभोक्ताओं को विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने के लिए पारेषण नेटवर्क का निरंतर विस्तार और आधुनिकीकरण किया जा रहा है। लिटिया सेमरिया उपकेंद्र में उपलब्ध हुई अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी से न केवल वर्तमान विद्युत मांग को बेहतर ढंग से पूरा किया जा सकेगा, बल्कि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप भी पर्याप्त क्षमता उपलब्ध रहेगी।

    उन्होंने बताया कि 220/132 केवी लिटिया सेमरिया उपकेंद्र से 132 केवी वोल्टेज स्तर पर राजनांदगांव जिले के पटेवा में प्रस्तावित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी-2.0/सेमीकंडक्टर पार्क) तथा राजनांदगांव जिले के बिजेभाट में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने का मार्ग प्रशस्त होगा। इसके साथ ही इस परियोजना का लाभ दुर्ग जिले से लेकर  राजनांदगांव तक प्राप्त होगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ घरेलू, कृषि एवं अन्य उपभोक्ताओं को भी अधिक विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

  • रायपुर में महिलाओं की सुरक्षा का मजबूत कवच बनी पिंक पेट्रोल : स्कूल-कॉलेज से बाजार तक हर गतिविधि पर पैनी नजर, पिंक पेट्रोल की सख्ती से असामाजिक तत्वों में हड़कंप, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त.

    रायपुर में महिलाओं की सुरक्षा का मजबूत कवच बनी पिंक पेट्रोल : स्कूल-कॉलेज से बाजार तक हर गतिविधि पर पैनी नजर, पिंक पेट्रोल की सख्ती से असामाजिक तत्वों में हड़कंप, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार गश्त.

    पुलिस कमिश्नरेट रायपुर द्वारा महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित एवं अपराध-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित पिंक पेट्रोल यूनिट लगातार प्रभावी कार्यवाही कर रही है। यह पहल महिला एवं बाल सुरक्षा के साथ-साथ आमजन में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। पिंक पेट्रोल यूनिट की टीमें प्रतिदिन अपने निर्धारित क्षेत्रों में स्थित स्कूल, कॉलेज, पीजी (पेइंग गेस्ट) आवास, छात्रावास, उद्यान, बाजार, कॉलोनियों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित गश्त करती हैं। गश्त के दौरान महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है तथा असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर सतत निगरानी रखी जाती है।

    कार्यवाही के दौरान विद्यालयों एवं कॉलेजों के आसपास अनावश्यक रूप से बैठे अथवा छात्राओं को असहज करने वाले युवकों को तत्काल वहां से हटाया जाता है तथा भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी समझाइश दी जाती है। इसी प्रकार मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन चलाना, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन करना, अनावश्यक भीड़ लगाना तथा अन्य छोटे-छोटे कानून व्यवस्था संबंधी उल्लंघनों पर मौके पर ही त्वरित हस्तक्षेप कर संबंधित व्यक्तियों को चेतावनी एवं समझाइश दी जाती है। आवश्यकता पड़ने पर उनसे उठक-बैठक कराकर सामाजिक उत्तरदायित्व का एहसास भी कराया जाता है, जिससे वे भविष्य में ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति न करें।

    पिंक पेट्रोल यूनिट का मुख्य उद्देश्य छोटी-छोटी अवांछनीय गतिविधियों को प्रारंभिक स्तर पर ही रोकना है, ताकि वे भविष्य में गंभीर अपराध का रूप न ले सकें। इससे गलियों, मोहल्लों, कॉलोनियों एवं सार्वजनिक स्थलों पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा रहा है तथा आम नागरिकों को सुरक्षित एवं भय-मुक्त वातावरण उपलब्ध हो रहा है।

    गश्त के दौरान यदि कोई व्यक्ति गंभीर अपराध करते हुए अथवा किसी संज्ञेय अपराध में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे तत्काल संबंधित थाना भेज कर विधि अनुसार प्रतिबंधात्मक अथवा वैधानिक कार्यवाही की जाती है, आवश्यकतानुसार अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कानूनी प्रक्रिया भी सुनिश्चित की जाती है।

  • होटलों का सघन जांच अभियान : होटल में पुलिस पहुंचते ही मचा हड़कंप ! नियम तोड़े तो होगी सीधी कानूनी कार्रवाई, अभद्रता करने वाले व्हाइट रोज संचालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश.

    होटलों का सघन जांच अभियान : होटल में पुलिस पहुंचते ही मचा हड़कंप ! नियम तोड़े तो होगी सीधी कानूनी कार्रवाई, अभद्रता करने वाले व्हाइट रोज संचालक को पुलिस ने किया गिरफ्तार, न्यायालय में किया पेश.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले के होटल, लॉज एवं सार्वजनिक आवासीय प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था एवं अनैतिक गतिविधियों की रोकथाम को लेकर विशेष जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 जुलाई 2026 की शाम थाना साइबर एवं थाना कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर स्थित होटल व्हाइट रोज में औचक जांच की।

    जांच के दौरान होटल में सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाओं में कमियां पाए जाने पर पुलिस टीम ने होटल संचालक सूरज सिंह (28 वर्ष), निवासी फतेहामुड़ा, थाना जूटमिल, रायगढ़ को सुरक्षा मानकों में तत्काल सुधार करने की समझाइश दी। इस दौरान होटल संचालक ने पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया तथा समझाइश के बावजूद उसका आक्रामक रवैया जारी रहा।

    स्थिति को देखते हुए पुलिस द्वारा होटल संचालक को थाना कोतवाली लाकर समझाइश दी गई, लेकिन वहां भी वह उग्र व्यवहार करता रहा। संज्ञेय अपराध घटित होने की आशंका एवं शांति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत उसे प्रतिबंधात्मक रूप से गिरफ्तार किया। साथ ही धारा 126 एवं 135(3) बीएनएसएस के अंतर्गत इस्तगासा तैयार कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

    रायगढ़ पुलिस द्वारा जिले के होटल, लॉज एवं गेस्ट हाउसों की नियमित जांच की जा रही है। यह अभियान सुरक्षा मानकों के पालन, आगंतुकों का सत्यापन तथा अनैतिक एवं अवैध गतिविधियों की रोकथाम के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन अथवा पुलिस कार्यवाही में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

  • पुलिस का बड़ा एक्शन : किरायदारों की सघन जांच से मचा हड़कंप, बिना सत्यापन रहने वालों पर अंबिकापुर पुलिस की कड़ी नजर ! सरगुजा में 750 लोगों की हुई जांच, संदिग्धों को चेतावनी, संदिग्ध गतिविधियों पर होगी सख्त कार्रवाई.

    पुलिस का बड़ा एक्शन : किरायदारों की सघन जांच से मचा हड़कंप, बिना सत्यापन रहने वालों पर अंबिकापुर पुलिस की कड़ी नजर ! सरगुजा में 750 लोगों की हुई जांच, संदिग्धों को चेतावनी, संदिग्ध गतिविधियों पर होगी सख्त कार्रवाई.

    अपराधों की रोकथाम एवं जिले में सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने हेतु डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के निर्देशन में संदिग्धो की जांच पड़ताल कर किरायदारों का भौतिक सत्यॉपन एवं मुसाफिरो की जाँच कर मुसाफिरी दर्ज कराने एवं बिना सत्यॉपन क्षेत्र में घूम रहे अथवा रह रहे संदिग्धों का निर्वासन की कार्यवाही किये जाने हेतु निर्देशित किया गया था। निर्देशों के परिपालन में आज दिनांक को राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के देख-रेख में समस्त थाना/चौकी प्रभारियों एवं पुलिस टीमों द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान की कार्यवाही की गई, मुसाफिरों से सख़्ती से पूछताछ किया गया, मकान मालिकों को बिना सत्यापन मकान किराये पर नहीं देने एवं किराये में किसी व्यक्ति को मकान देने पर किराये में रहने वाले व्यक्ति की पूर्ण जानकारी मय पहचान-पत्र एवं मोबाइल नंबर पूर्व पता स्थाई पता आदि थाना/चौकी में देने के सख्त निर्देश दिए गए।

    थाना गांधीनगर पुलिस टीम द्वारा सुभाषनगर, भगवानपुर, फूंदुरडिहारी, क्षेत्र में थाना कोतवाली के नवागढ़, सत्तीपारा, थाना मणीपुर के बंजारी, लक्ष्मीपुर, मठपारा के साथ साथ ग्रामीण थाना क्षेत्रों में मौजूद तमाम ऐसे बस्तियों पर जहाँ बाहर से आकर निवास करने वालों की संख्या बहुतायत में हैं, ऐसे बस्तियों में पुलिस टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान पुलिस टीम द्वारा लगभग 350 मकानों में लगभग 750 व्यक्तियों के पहचान-पत्र का आवश्यक सत्यापन किया गया, सत्यापन पश्चात आस पास के निवासरत लोगों को अपने छेत्र में बाहरी व्यक्तियों के निवास करने की सुचना तत्काल पुलिस को देने के निर्देश दिए गए। आईजी एवं एसएसपी सरगुजा द्वारा सभी थाना/चौकी प्रभारियों को निरंतर अभियान चलाकर बाहरी व्यक्तियों, किरायदारों के सत्यापन, मुसाफिर जांच कर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के निर्देश भी दिए गए है।

  • साइबर अपराधियों से लेकर नशा तस्करों तक अलर्ट, अब नहीं बचेंगे अपराधी ! डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक तकनीक से पुलिस और मजबूत कसेगी शिकंजा, सरगुजा पुलिस ने विवेचकों को सिखाए हाई-टेक जांच के नए हथियार.

    साइबर अपराधियों से लेकर नशा तस्करों तक अलर्ट, अब नहीं बचेंगे अपराधी ! डिजिटल साक्ष्य और फॉरेंसिक तकनीक से पुलिस और मजबूत कसेगी शिकंजा, सरगुजा पुलिस ने विवेचकों को सिखाए हाई-टेक जांच के नए हथियार.

    एनडीपीएस एक्ट, एससी/एसटी एक्ट एवं साइबर क्राइम एवं फॉरेंसिक संबंधी विषयों के अपराधों की गुणवत्ता पूर्ण विवेचना हेतु सरगुजा जिले के विवेचकों के लिये पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) की दिशा निर्देशन में एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लों, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ग्रामीण श्री तुल सिंह पट्टावी के उपस्थिति में अतिरिक्त लोक अभियोजक नरेन्द्र पाण्डेय, नितेश चंद्र शुक्ला एवं श्री मनोज तिवारी सहित जिले के समस्त थाना/चौकी प्रभारी समेत विवेचक गण उक्त एक दिवसीय कार्यशाला में सक्रिय रहे।

    कार्यशाला को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री अमोलक सिंह ढिल्लों ने कहा कि मादक पदार्थों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए पारंपरिक साक्ष्यों के साथ-साथ डिजिटल एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने विवेचकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण में तकनीकी एवं डिजिटल साक्ष्यों को विवेचना का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए, जिससे अपराधियों के विरुद्ध न्यायालय में मजबूत एवं प्रमाणिक साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें। उन्होंने सभी विवेचकों से मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया। कार्यशाला के दौरान विवेचकों को एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों, घटना-स्थल पर वीडियो ग्राफी, टेस्टिंग किट का उपयोग करना, वाणिज्यिक मात्रा के अपराधों में आर्थिक अनुसंधान करने एवं एनडीपीएस के आरोपीगणों के विरुद्ध पीआईटी एनडीपीएस के तहत कार्यवाही किये जाने के संबंध में प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें विवेचना अधिकारियों को विवेचना में हो रही त्रुटियों, मादक पदार्थों को कई प्रकार एवं उनकी पहचान आदि संबधी आवश्यक जानकारी वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी एफएसएल द्वारा प्रदाय की गई।

    एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में घटना-स्थल की त्वरित जांच और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत निर्धारित अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन करने के निर्देश दिए गए। लोक अभियोजक द्वारा जांच अधिकारियों को वैज्ञानिक साक्ष्य, मौखिक गवाहों के बयान और फोरेंसिक सबूतों को अदालत में सही ढंग से पेश करने के तौर-तरीके बताये गए, पुलिस जांच के दौरान किसी भी प्रकार के पक्षपात को रोकने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के तरीकों पर चर्चा की गई, साथ ही लोक अभियोजक और जांच अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रकरण को मजबूती से पेश करने हेतु निर्देशित किया गया।

    साइबर अपराध से संबंधित मामलों के दर्ज होने के उपरांत अनुसंधानकर्ता को निम्न जानकारी प्रदान की गई, पीड़ित के संबंधित खाता से निकासी को रोकने के लिए बैंक को अविलंब सूचित करना साथ ही बैंक फ्रॉड मामलों में मूलतः जिन खातों से अवैध निकासी की गई है तथा जिन खातों में धन का अंतरण हुआ है उनके खाता का विवरण प्राप्त करना, इसी प्रकार जिस मोबाइल अथवा आईपी ऐड्रेस का प्रयोग कर अपराध कारित किया गया है उसकी विवरणी अन्य तकनिकी जानकारी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर से प्राप्त करना एवं मामलो में आरोपियों के विरुद्ध सख़्ती से कार्यवाही करने के तरीके बताये गए।

  • पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 21 लाख का नशा राख बना ! नशा माफियाओं को खुली चेतावनी, सूरजपुर डीआईजी-एसएसपी के सामने जलाए गए लाखों के मादक पदार्थ.

    पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 21 लाख का नशा राख बना ! नशा माफियाओं को खुली चेतावनी, सूरजपुर डीआईजी-एसएसपी के सामने जलाए गए लाखों के मादक पदार्थ.

    शुक्रवार 10 जुलाई 2026 को सूरजपुर पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 लाख मूल्य के नशीले पदार्थो को नष्ट किया है। पुलिस लाईन परिसर में अस्थायी भट्ठे में मादक पदार्थों को नष्ट किया गया। जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की देखरेख में यह कार्रवाई की गई। इस दौरान एनडीपीएस एक्ट के 10 प्रकरणों में जब्त 32 किलो 247 ग्राम गांजा, 45 नग गांजा का पौधा, 590 इंजेक्शन, 176 कफ सिरप एवं 2592 नग कैप्सूल को नष्ट किया गया जिसकी अनुमानित कीमत करीब 21 लाख रूपये है।

    डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर ने बताया कि यह कार्रवाई केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय की अधिसूचना और छत्तीसगढ़ शासन के 21 नवंबर 2024 के निर्देशों के अनुसार की गई। नष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समिति की उपस्थिति में, वीडियोग्राफी एवं दस्तावेजीकरण के साथ की गई है। नष्टीकरण की प्रक्रिया डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, जिला आबकारी अधिकारी अनिल मित्तल, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यावरण संरक्षण मण्डल के पंचान व वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

  • सरगुजा रेंज में संदिग्ध किरायेदारों और फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस का बड़ा अभियान प्रारम्भ : गैंगस्टर के छिपने के मामले के बाद पुलिस अलर्ट, हर किरायेदार और बाहरी व्यक्ति का होगा सघन सत्यापन, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय.

    सरगुजा रेंज में संदिग्ध किरायेदारों और फरार अपराधियों की तलाश में पुलिस का बड़ा अभियान प्रारम्भ : गैंगस्टर के छिपने के मामले के बाद पुलिस अलर्ट, हर किरायेदार और बाहरी व्यक्ति का होगा सघन सत्यापन, सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय.

    पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा द्वारा संभाग में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाये रखने व अपराधों पर रोकथाम सहित उनके धड़पकड़ हेतु जिलों में निवासरत् किरायेदार बाहरी व्यक्तियों/संदिग्ध व्यक्तियों/मुसाफिरों/दीगर राज्यों के फरार आरोपियों के अलावा असामाजिक तत्वों जैसे व्यक्तियों का विशेष अभियान चलाकर सत्यापन करने हेतु समस्त पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है। हाल ही में एक ऐसी घटना जिला सरगुजा पुलिस के संज्ञान में आया हैं जो बासेपुर धनबाद (झारखण्ड) निवासी गैंगस्टर साबीर आलम जो गैंग्स ऑफ बासेपुर का डॉन कहे जाने वाले फहीम खान, बासेपुर धनबाद की माँ और मौसी को दिनांक 18 अक्टूबर 2001 को दिन दहाड़े अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या किया था। हत्या के आरोपी साबीर आलम को माननीय उच्च न्यायालय झारखण्ड द्वारा भगोड़ा घोषित किये जाने के दौरान से आरोपी साबीर आलम झारखण्ड से फरार होकर वर्ष 2013 से मोमिनपुरा अम्बिकापुर में बस कम्पनी व सिलाई दुकान की आड़ में अपनी पहचान छुपाकर रह रहा था। हत्या जैसे आरोपी को शरण देने में यहाँ के लोगों की संलिप्तता परिलक्षित होना पाया गया है।

    पुलिस महानिरीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुये समस्त पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिये कि आपने जिला इकाई में नोडल अधिकारीयों के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाकर किरायेदार बाहरी व्यक्तियों/संदिग्ध व्यक्तियों/मुसाफिरों/दीगर राज्यों के फरार आरोपियों के अलावा असामाजिक तत्वों जैसे संदिग्ध व्यक्तियों का डिटेल सत्यापन करने हेतु निर्देशित किये है। चलाये जाने वाले विशेष सत्यापन हेतु उन्होनें आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये है।

    शहरी थाना क्षेत्र को बीटवार/वार्डवार विभाजित कर नामजद अधिकारी एवं कर्मचारी नामांकित किया जावे, बीट के प्रभारी अधिकारी सभी संदिग्ध बाहरी व्यक्ति, किरायेदारों, होटल-ढाबा एवं ईट भट्ठा, कर कारखानों जैसे उद्योगों में काम करने वाले लोगों के निवास स्थान, घुमंतु, फेरीवाले एवं मुसाफिरों की चेकिंग के दौरान सत्यापन करना, मकान मालिकों से किरायेदारों की विस्तृत जानकारी प्राप्त किया जावे, इस संबंध में किसी मकान मालिक द्वारा किरायेदार की सम्पूर्ण जानकारी देने से इंकार/आना-कानी करने वाले के विरूद्ध विधिसम्मत् कार्यवाही की जावे। साथ ही थाना चौकी क्षेत्र केनिगरानी /गुण्डा बदमाशों एवं जिला बदर वाले व्यक्तियों की नियमित चेकिंग करने के भी निर्देश दिये। उन्होनें कहा कि चलाये जाने वाले सत्यापन अभियान में इकाई स्तर पर एक राजपत्रित अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाते हुये कृत कार्यवाही की डिटेल रिर्पोट पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से उपलब्ध कराने हेतु निर्देश दिये।

  • जम्मू तक पहुंची रायगढ़ पुलिस, टांगी से जानलेवा हमला कर हत्या की कोशिश कर लूट मचाने वाला फरार लुटेरा पुलिस की गिरफ्त में, ऑपरेशन क्लीन हंट में पुलिस ने फरार अपराधी को मामले में शामिल विधि से संघर्षरत बालक के साथ किया गिरफ्तार.

    जम्मू तक पहुंची रायगढ़ पुलिस, टांगी से जानलेवा हमला कर हत्या की कोशिश कर लूट मचाने वाला फरार लुटेरा पुलिस की गिरफ्त में, ऑपरेशन क्लीन हंट में पुलिस ने फरार अपराधी को मामले में शामिल विधि से संघर्षरत बालक के साथ किया गिरफ्तार.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर फरार आरोपियों की पता तलाश में चलाये जा रहे “ऑपरेशन क्लीन हंट” में थाना पुसौर पुलिस ने हत्या के प्रयास एवं लूट के मामले में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करते हुए जम्मू में आरोपी की तलाश करते मुख्य आरोपी प्रकाश सिदार (27 वर्ष) को उसके ससुराल में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। प्रकरण में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है।

    प्रकरण में दिनांक 11 मार्च 2026 को ग्राम पुजेरीपाली, थाना चंद्रपुर (जिला सक्ती) निवासी सुद्धराम सिदार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका पुत्र कृष्णा सिदार 10 मार्च 2025 की रात घर से बाहर गया था। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। अगले दिन सुबह सूचना मिली कि रावनखोंदरा के पास अज्ञात व्यक्तियों ने उसके साथ मारपीट की है। कुछ समय बाद घायल अवस्था में कृष्णा सिदार घर पहुंचा और बेहोश हो गया। उसके सिर से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुसौर थाने में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अपराध क्रमांक 52/2025 धारा 118(1) बीएनएस (BNS) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

    विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना-स्थल का निरीक्षण कर गवाहों एवं घायल के बयान दर्ज किए। मेडिकल दस्तावेजों एवं चिकित्सकीय राय में स्पष्ट हुआ कि घायल के सिर एवं मस्तिष्क पर लगी चोट जीवन के लिए अत्यंत संकटापन्न थी तथा समय पर उपचार नहीं मिलने पर उसकी मृत्यु अथवा गंभीर मस्तिष्क क्षति हो सकती थी। चिकित्सकों ने चोटों को गंभीर प्रकृति का बताया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने घायल पर टांगी से जानलेवा हमला कर उसका मोबाइल फोन एवं मोटरसाइकिल लूट ली थी, जिस पर प्रकरण में धारा 109(1), 311 एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं जोड़ी गईं।

    विवेचना के दौरान पुलिस टीम को प्रकाश सिदार के द्वारा घटना कारित करने की जानकारी मिली, आरोपी अपना ग्राम लिटाईपाली का घर बेचकर फरार हो गया था। एसएसपी श्री शशि मोहन के निर्देशन पर पुलिस टीम आरोपी प्रकाश सिदार के लोकेशन पर जम्मू रवाना किया गया। जहां पतासाजी के दौरन आरोपी प्रकाश के उसके ससुराल ग्राम बड़े भंडार जाने की जानकारी मिली, तत्काल जम्मू गई टीम द्वारा थाना प्रभारी को सूचना दी गई जिसके बाद आरोपी को उसके ससुराल बड़े भंडार में हिरासत में लिया गया, जिसने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर वारदात में विधि से संघर्षरत बालक की भी संलिप्तता बताई, दोनों ने अपराध करना स्वीकार किया। इसके बाद तहसील न्यायालय पुसौर के माध्यम से कराई गई शिनाख्त परेड में घायल कृष्णा सिदार ने दोनों की पहचान की। मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने लूटा गया वीवो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG-13 Y-5024 बरामद की। घटना में प्रयुक्त टांगी पूर्व में थाना के अन्य प्रकरण में जब्त होना पाया गया।

    अपराध में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी प्रकाश सिदार पिता स्व. खेमराज सिदार, उम्र 27 वर्ष, निवासी लिटाईपाली, थाना पुसौर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया, प्रकरण की विवेचना जारी है।

    1. प्रकाश सिदार पिता स्व. खेमराज सिदार उम्र 27 वर्ष साकिन लिटाईपाली थाना पुसौर जिला रायगढ़ (छ.ग.),

    2. विधि से संघर्षरत बालक.

  • ऑपरेशन प्रहार से कबाड़ माफिया में हड़कंप : 6.5 टन संदिग्ध स्क्रैप और दो वाहन जब्त, पूरे नेटवर्क की जांच प्रारम्भ, लाखों का संदिग्ध कबाड़ पकड़ाया, अवैध कारोबारियों दो वाहन चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई.

    ऑपरेशन प्रहार से कबाड़ माफिया में हड़कंप : 6.5 टन संदिग्ध स्क्रैप और दो वाहन जब्त, पूरे नेटवर्क की जांच प्रारम्भ, लाखों का संदिग्ध कबाड़ पकड़ाया, अवैध कारोबारियों दो वाहन चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई.

    वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में संचालित “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवैध कबाड़ परिवहन के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में थाना लैलूंगा एवं थाना छाल पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल लगभग 6.5 टन संदिग्ध लोहे का कबाड़ (₹1.48 लाख), एक 14 चक्का ट्रक तथा एक माजदा वाहन सहित कुल ₹28.48 लाख मूल्य की संपत्ति जब्त कर वैधानिक कार्रवाई की है।

    दिनांक 09 जुलाई 2026 को थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक 14 चक्का ट्रक में भारी मात्रा में संदिग्ध लोहे का स्क्रैप पत्थलगांव से लैलूंगा होते हुए घरघोड़ा की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने खम्हार मोड़ मुख्य मार्ग पर नाकेबंदी कर ट्रक क्रमांक CG-14 MF-0223 को रोककर जांच की।

    वाहन चालक महेन्द्र लहरे (36 वर्ष), निवासी गोढ़ीकला, थाना पत्थलगांव, जिला जशपुर से कबाड़ परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। तलाशी में ट्रक में लगभग 4.5 टन लोहे का स्क्रैप मिला, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.08 लाख तथा ट्रक की कीमत लगभग ₹15 लाख आंकी गई। पुलिस ने कुल ₹16.08 लाख मूल्य की संपत्ति जब्त कर धारा 35(क), 35(ङ) बीएनएसएस एवं धारा 303(2) बीएनएस के तहत इस्तगासा तैयार कर कार्रवाई की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक देव प्रसाद राठिया एवं हमराह पुलिस स्टॉफ की सराहनीय भूमिका रही है।

    इसी दिन थाना छाल पुलिस ने लगातार दूसरे दिन कार्रवाई करते हुए माजदा वाहन क्रमांक CG-12 AZ-3191 को ग्राम बोजिया के पास रोककर जांच की। थाना प्रभारी निरीक्षक नासिर खान को सूचना मिली थी कि वाहन में अवैध रूप से कबाड़ लोड कर घरघोड़ा की ओर ले जाया जा रहा है।

    वाहन चालक भूपेन्द्र यादव (36 वर्ष), निवासी ढोढ़ीपारा, कोरबा से कबाड़ के वैध दस्तावेज मांगे गए, किंतु वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। वाहन में लोहे की छड़, एंगल, वाहनों के टूटे-फूटे पार्ट्स सहित लगभग 2 टन कबाड़ मिला। पुलिस ने ₹40 हजार मूल्य का कबाड़ एवं ₹12 लाख कीमत का माजदा वाहन, कुल ₹12.40 लाख मूल्य की संपत्ति जब्त कर इस्तगासा क्रमांक 13/26 के तहत धारा 35(1)(ड) बीएनएसएस एवं धारा 303(2) बीएनएस के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक नासिर खान, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन एवं हमराह पुलिस स्टॉफ की सराहनीय भूमिका रही है।

  • सूरजपुर में डीजीपी का अचानक निरीक्षण, अपराधियों को सख्त चेतावनी, पुलिस अधिकारियों को जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश, डीजीपी ने कानून-व्यवस्था पर की मैराथन समीक्षा, गंभीर अपराधों में बेहतर सजा दर की, की सराहना.

    सूरजपुर में डीजीपी का अचानक निरीक्षण, अपराधियों को सख्त चेतावनी, पुलिस अधिकारियों को जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई के कड़े निर्देश, डीजीपी ने कानून-व्यवस्था पर की मैराथन समीक्षा, गंभीर अपराधों में बेहतर सजा दर की, की सराहना.

    पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम के द्वारा रविवार 05 जुलाई 2026 को सूरजपुर जिले का औचक दौरा कर जिले के पुलिस राजपत्रित अधिकारियों की बैठक ली और कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, बीट पुलिसिंग की गुणवत्ता सहित अन्य विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर श्री प्रशांत कुमार ठाकुर से जिले की गतिविधियों, प्रमुख विषयों एवं बेहतर पुलिसिंग की रणनीति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान आईजी सरगुजा रेंज श्री दीपक कुमार झा भी उपस्थित रहे।

    बैठक में डीजीपी श्री अरूण देव गौतम ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी पहचान जनता का विश्वास है। प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ करना चाहिए। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा आम नागरिकों के प्रति सहयोगात्मक एवं मानवीय व्यवहार ही प्रभावी पुलिसिंग की पहचान है। महिलाओं, बच्चों एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ फौरन कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

    उन्होंने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की विशेष प्राथमिकता है, आम जनता से प्राप्त होने वाली छोटी-बड़ी शिकायतों पर फौरन एक्शन लिया जाए और उनके साथ संवेदनशील होकर विनम्रतापूर्वक व्यवहार किया जाए। उन्होंने अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी गश्त, मुखबिर तंत्र को मजबूत करने, आदतन अपराधियों की सतत निगरानी रखने तथा तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने पर विशेष बल दिया।

    बैठक में जिले की वर्तमान कानून-व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, अपराधों की रोकथाम, लंबित प्रकरणों के निराकरण, महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित अपराधों की समीक्षा, मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्रवाई, सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, सामुदायिक पुलिसिंग, डायल-112 की कार्यप्रणाली तथा विभिन्न अभियानों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों से युक्त पुलिस अधोसंरचना पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आमजन को बेहतर एवं त्वरित पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।