करमरी में ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर ‘आत्मनिर्भर गांव – विकसित भारत’ का दिया संदेश आजीविका डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती तथा उद्यानिकी गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा रायपुर : आदिवासी बहुल एवं कृषि आधारित आजीविका वाले जिले मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी की ग्राम पंचायत करमरी में सोमवार को वीबी जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फ़ॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन- ग्रामीण) के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ग्रामीणों द्वारा मानव श्रृंखला बनाकर ‘आत्मनिर्भर गांव – विकसित भारत’ का संदेश दिया गया। इस…
Read MoreAuthor: Sagar Joshi [SAMDARSHI NEWS]
आईआईटी भिलाई में दक्षिण एशियाई साहित्य में लैंगिक स्मृति पर राष्ट्रीय विमर्श, ‘जेंडर मोडालिटीज़ ऑफ़ रिमेम्बरिंग’ विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित
आईआईटी भिलाई में ‘जेंडर मोडालिटीज़ ऑफ़ रिमेम्बरिंग इन साउथ एशियन लिटरेचर’ के राष्ट्रीय सम्मेलन का हुआ आयोजन रायपुर : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई के लिबरल आर्ट्स विभाग द्वारा 15–16 जनवरी 2026 को नालंदा लेक्चर हॉल में ‘जेंडर मोडालिटीज़ ऑफ़ रिमेम्बरिंग इन साउथ एशियन लिटरेचर’ विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य दक्षिण एशियाई सांस्कृतिक एवं साहित्यिक परिप्रेक्ष्य में स्मृति को एक लैंगिक और सन्निहित अभ्यास के रूप में समझना तथा इस क्षेत्र में हो रहे अकादमिक शोध को साझा करने का मंच प्रदान करना…
Read Moreबस्तर की इमली अब राष्ट्रीय स्वाद बनेगी, वन विभाग के नवाचार से सुकमा की महिलाएँ तैयार करेंगी ‘इमली चटनी’, बाजार तक पहुँचेगी आदिवासी पहचान
वन विभाग का नवाचार : बस्तर की इमली चटनी को राष्ट्रीय पहचान दिलाएंगी सुकमा की महिलाएं रायपुर : बस्तर में इमली की चटनी को काफी पसंद किया जाता है l यह चटनी खाने में बहुत स्वादिष्ठ होती हैl सुकमा जिले में स्थानीय संसाधनों के उपयोग और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में बस्तर की प्रसिद्ध इमली से तैयार “इमली चटनी” को वन धन विकास केंद्र सुकमा के माध्यम से आधिकारिक रूप से…
Read Moreतेंदूपत्ता संग्राहकों के कदमों में राहत, छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर शुरू की चरणपादुका योजना, 12.40 लाख वनवासी परिवारों को मिला सीधा लाभ
सफलता की कहानी : तेंदूपत्ता संग्राहकों में खुशियों की लहर, छत्तीसगढ़ सरकार ने फिर शुरू की चरणपादुका योजना, 12.40 लाख वनवासियों को मिला लाभ रायपुर : तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सरकार द्वारा कई योजनाओं के माध्यम से आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलती है, जिसमें संग्रहण लाभ का 80% हिस्सा, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, स्वास्थ्य सहायता, बीमा कवर (दुर्घटना मृत्यु या विकलांगता पर), और विभिन्न वनोपज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य शामिल हैं, जिससे उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार होता है l छत्तीसगढ़ में 5500 सौ रुपए प्रति…
Read Moreअब दफ्तर नहीं, प्रशासन पहुँचा गाँव, सुकमा में ‘मिशन कनेक्ट’ के जरिए जनता से सीधे संवाद, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की पहल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जन-हितैषी पहल : ‘मिशन कनेक्ट’ से चौपाल तक पहुँचा प्रशासन, गाँव-गाँव जाकर अधिकारियों ने सुनी समस्याएँ, मौके पर हुआ समाधान रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अंत्योदय और सुशासन की सोच को साकार करने के लिए सुकमा जिले में ‘मिशन कनेक्ट’ की शुरुआत की गई है। संभागायुक्त बस्तर श्री डोमन सिंह के निर्देशन और कलेक्टर के मार्गदर्शन में शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर सरकारी सेवाओं को लोगों के घर-घर तक पहुँचाना है।…
Read Moreराज्यपाल रमेन डेका ने अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त व उमेश अग्रवाल एवं शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त पद की शपथ दिलाई
ज्यपाल श्री डेका ने श्री अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त एवं श्री अग्रवाल और श्री मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त पद की शपथ दिलाई रायपुर : राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश कुमार अग्रवाल एवं श्री शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई। शपथ ग्रहण समारोह में…
Read Moreरायपुर साहित्य उत्सव–2026 से गूंजेगी छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना, 23 से 25 जनवरी तक पुरखौती मुक्तांगन में 120 साहित्यकारों का राष्ट्रीय संगम
रायपुर साहित्य उत्सव–2026: छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना का राष्ट्रीय उत्सव 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन में तीन दिवसीय भव्य आयोजन रायपुर : छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23, 24 एवं 25 जनवरी 2026 को नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन परिसर में किया जा रहा है। तीन दिवसीय यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और विचार विमर्श का एक सशक्त मंच बनेगा, जिसमें देश-प्रदेश के साहित्य प्रेमी, लेखक,…
Read Moreबलरामपुर बस हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक, मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख व घायलों को ₹50 हजार की राहत स्वीकृत
बलरामपुर बस दुर्घटना: मुख्यमंत्री ने जताया शोक, पीड़ित परिवारों को राहत राशि स्वीकृत मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख एवं घायलों को ₹50 हजार की सहायता रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बलरामपुर के समीप हुई बस दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस हृदयविदारक हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि शोक की इस घड़ी में छत्तीसगढ़ शासन पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार…
Read Moreमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में 21 जनवरी को होगी केबिनेट बैठक, नवा रायपुर मंत्रालय में लिए जाएंगे अहम फैसले
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद (केबिनेट) की बैठक दिनांक 21 जनवरी 2026 (मंगलवार) को पूर्वान्ह 11:00 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक नवा रायपुर अटल नगर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में संपन्न होगी। केबिनेट बैठक में राज्य के समग्र विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक एवं नीतिगत विषयों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। बैठक के दौरान राज्य सरकार की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। राज्य मंत्रिपरिषद की यह बैठक शासन की नीतियों को और…
Read Moreअग्निकाल से वनों की सुरक्षा को लेकर जशपुर वनमण्डल सतर्क, 6 फरवरी से 15 जून तक की चुनौती से निपटने वनमण्डलस्तरीय कार्यशाला एवं प्रशिक्षण आयोजित
अग्निकाल के दौरान वनों की सुरक्षा हेतु जशपुर वनमण्डल द्वारा वनमण्डलस्तरीय, कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित जशपुर : 6 फरवरी से 15 जून तक की अवधि को अग्निकाल कहा जाता है। इस अवधि में वजों में लगने वाली आग अत्यंत विनाशकारी सिद्ध होती है, जिससे वनों का प्राकृतिक पुनरुत्पादन बाधित होता है, छोटी वनस्पतियां नष्ट हो जाती हैं तथा वृक्षों की काष्ठ गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अग्नि से वनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं प्रभावी प्रबंधन हेतु जशपुर वनमण्डल द्वारा दिनांक 16 जनवरी 2026 को वनगण्डलस्तरीय अग्नि…
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